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भोपाल:बड़े तालाब में बोटिंग हुई महंगी, नगर निगम ने बढ़ाई रजिस्ट्रेशन और सालाना फीस, सैलानियों पर बढ़ा बोझ

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की पहचान मानी जाने वाली बड़ी झील अब सैर-सपाटे के शौकीनों के लिए पहले जैसी सस्ती नहीं रही। नगर निगम ने बोटिंग से जुड़ी रजिस्ट्रेशन और सालाना फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिसका सीधा असर अब सैलानियों की जेब पर पड़ रहा है।
बड़े तालाब में बोटिंग हुई महंगी, नगर निगम ने बढ़ाई रजिस्ट्रेशन और सालाना फीस, सैलानियों पर बढ़ा बोझ
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पीपुल्स संवाददाता, भोपाल

    बड़े तालाब में पहले जहां लोग परिवार के साथ बेफिक्र होकर बोटिंग का आनंद लेते थे, वहीं अब बढ़े हुए किराए के कारण उन्हें सोच-समझकर खर्च करना पड़ रहा है। बोट क्लब पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन बढ़ती लागत ने इस अनुभव को महंगा बना दिया है।

    फीस बढ़ी तो महंगी हुई सैर

    नगर निगम ने 33 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक शुल्क बढ़ा दिया है, जिससे नाव संचालकों की लागत बढ़ गई है। इसका असर सीधे बोटिंग किराए पर पड़ा है और सैलानियों को ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। संचालकों का कहना है कि बढ़ी फीस के चलते किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है।

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    शिकारा और बोटिंग पहले से ही महंगी

    झील में शिकारा और अन्य बोटिंग का किराया पहले ही लोगों को भारी पड़ रहा था। बता दें कि 20 मिनट की सैर के लिए 300 से 450 रुपए तक वसूले जा रहे हैं, जो आम लोगों के बजट से बाहर होता जा रहा है। कम समय और सीमित दूरी के बावजूद ऊंचा किराया सैलानियों को निराश कर रहा है।

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    कश्ती का रजिस्ट्रेशन बढ़कर 2 हजार हुआ 

    कश्ती का रजिस्ट्रेशन 1500 से बढ़कर 2 हजार रुपए और सालाना फीस 10 हजार तक पहुंच गई है। पैडल बोट का रजिस्ट्रेशन 1 हजार से सीधे 3 हजार रुपए और सालाना शुल्क 20 हजार हो गया है, जो 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी है। रोविंग और जलपरी बोट में भी 67 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है, जबकि मछुआरों की नावों पर पहली बार 2 हजार रुपए का शुल्क लागू किया गया है।

    सैलानियों की जेब पर पड़ रहा असर 

    बोट क्लब पर सामान्य दिनों में 1500 से 2500 लोग आते हैं, जिनमें से 600 से 1200 लोग बोटिंग करते हैं। वीकेंड और छुट्टियों में यह संख्या 5 हजार तक पहुंच जाती है, जहां 2500 लोग तक बोटिंग का आनंद लेते हैं। फीस बढ़ोतरी के बाद इतनी बड़ी संख्या में आने वाले सैलानियों पर आर्थिक दबाव साफ नजर आने लगा है।

    सैलानियों का क्या कहना है ? 

    सैलानियों राहुल मिश्रा का कहना है कि हर साल परिवार के साथ भोपाल आते हैं, लेकिन इस बार बोटिंग महंगी लगी, अब सोचकर खर्च करना पड़ रहा है। इसी के साथ शबाना खान का कहना है कि- पहले बच्चों के साथ अक्सर आते थे, अब खर्च इतना बढ़ गया है कि बार-बार आना मुश्किल है।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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