डिंडौरी। मध्यप्रदेश के डिंडौरी ज़िले के मेहदवानी जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम और पुलिसकर्मी के बीच तीखी बहस का एक वीडियो मंगलवार को सामने आया है, जिसने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को गर्मा दिया है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब जनपद अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस पर आदिवासी युवक से शराब जब्त कर पीने और मारपीट करने का आरोप लगाया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है, वहीं जनपद अध्यक्ष ने थाने का घेराव करने का ऐलान भी कर दिया है।
घटना रविवार की बताई जा रही है, जब मटियारी गांव निवासी संदीप परते अपनी बेटी की चीखोनी (पारंपरिक समारोह) में शामिल होने के लिए आमगांव जा रहे थे। संदीप अपने साथ पांच बोतल कच्ची महुआ की शराब लेकर जा रहे थे, जो आदिवासी परंपरा के अनुसार कार्यक्रम में उपयोग होती है।
दोपहर करीब 3 बजे मंदा खोल घाट, कठोतिया गांव के पास पुलिस की चेकिंग के दौरान संदीप को रोका गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उससे शराब जब्त की, डिस्पोजल मंगवाए और चखना के लिए 100 रुपए भी वसूले। यही नहीं, शराब पीने के बाद युवक के साथ मारपीट भी की गई।
पीड़ित युवक संदीप परते ने इस घटना की जानकारी जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम को दी, जिसके बाद अध्यक्ष सोमवार सुबह अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस से बात करने की कोशिश की। थाने में मौजूद आरक्षक सतीश सिंह तोमर से जनपद अध्यक्ष की तीखी बहस हो गई, जो कैमरे में कैद हो गई। अध्यक्ष का कहना है कि यह मामला आदिवासी परंपरा और पुलिस की ज्यादती से जुड़ा है, और वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने पुलिस पर शराब पीकर आदिवासी युवक को अपमानित करने का आरोप लगाया। मंगलवार को उन्होंने थाना घेराव करने की चेतावनी जारी कर दी है, जिससे मामला और भी तनावपूर्ण हो गया है।
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी श्याम सुंदर उसराठे ने स्पष्ट रूप से सभी आरोपों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि रविवार को कठोतिया गांव में सब-इंस्पेक्टर और महिला स्टाफ के साथ चेकिंग अभियान चल रहा था। इस दौरान संदीप परते से प्रधान आरक्षक अर्जुन रजक ने पांच लीटर शराब जब्त की थी। शराब पीने या मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई।
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