People's Exclusive :राज खोसला से बोले धर्मेंद्र-पंडित जी को 'चरणामृत' पिलाया है, अब मैं फोटो खींचूंगा

प्रसिद्ध फिल्म फोटोग्राफर और लेखक प्रदीप चंद्रा ने सुनाया 'मेरा गांव मेरा देश' की शूटिंग के दौरान धर्मेंद्र की शरारत का किस्सा...
राज खोसला से बोले धर्मेंद्र-पंडित जी को 'चरणामृत' पिलाया है, अब मैं फोटो खींचूंगा
फोटो- प्रदीप चंद्रा और धर्मेंद्र।
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मुंबई। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र (89) की तबीयत को लेकर मीडिया में 'हलचल' और कयासों के बीच उनके पुराने किस्से-कहानियां भी चर्चाओं में हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा पीपुल्स समाचार के लिए प्रसिद्ध फिल्म फोटोग्राफर और लेखक प्रदीप चंद्रा ने साझा किया है।

    रात को ताश खेलने आ जाते थे धर्मेंद्र

    यह 1969 की बात है। हम उदयपुर में राज खोसला की फिल्म 'मेरा गांव मेरा देश' की शूटिंग कर रहे थे। मेरी उम्र 17-18 साल की होगी, यूनिट में संभवतः सबसे छोटा। मैं राज खोसला का ऑफिसियल स्टिल फोटोग्राफर था।

    धर्मेंद्र और विनोद खन्ना अलग-अलग होटल में ठहरे थे। धर्मेंद्र अक्सर रात को विनोद खन्ना के होटल में आ जाते थे और हम सब ताश खेलते। वे आशिक मिजाज आदमी तो थे ही। विनोद खन्ना से मेरी अच्छी दोस्ती थी। धरमजी से उतनी नहीं थी।

    प्रदीप चंद्रा की तस्वीर, जो धर्मेंद्र ने खींची थी।

    प्रदीप चंद्रा की तस्वीर, जो धर्मेंद्र ने खींची थी।

    गाड़ी में तरह-तरह की दारू रखते थे

    एक बार अगले दिन शूटिंग नहीं थी, तो सुबह-सुबह विनोद खन्ना का फोन आया और पूछा-'प्रदीप तू क्या कर रहा है?' मैंने कहा कि कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि कल शूटिंग नहीं है, तू आ जा, हम पिकनिक जा रहे हैं।

    अगले दिन धर्मेंद्र, उनके भाई अजीत देओल, विनोद खन्ना और हम धरमजी की गाड़ी में एक लेक पर पिकनिक के लिए निकले। विनोद खन्ना के दोस्त भी आए हुए थे।

    धरमजी की बड़ी गाड़ी थी। उसके बीचों-बीच आइस बॉक्स रखा हुआ था। उसमें तरह-तरह की दारू, सोढा और बर्फ से भरा हुआ था।
    गाड़ी के पीछे डनलप का गद्दा रखा हुआ। अगर किसी को सोना हो, तो सो सके।

    पिकनिक पर धरमजी ने मुझसे कहा कि; 'पंडिजी आज तो तुझे पीना पड़ेगा!' तो मैंने कहा कि धरमजी जिंदगी में आज तक दारू नहीं पी है। वो बोले, आज तो तुझे पीना ही पड़ेगा। और उन्हें मुझे दो-तीन पैक पिला दिए।

    मैं और अजीत दोनों गाड़ी में पीछे गद्दे पर सो गए। 
    दोनों की तबीयत बहुत खराब थी। उल्टी जैसा हो रहा था।

    यह तस्वीर प्रदीप की खींची हुई है।

    यह तस्वीर प्रदीप की खींची हुई है।

    मैंने पंडित को चरणामृत पिला दी

    अगले दिन मैं शूटिंग पर तो पहुंचा, पर मेरी तबीयत काफ़ी खराब सी थी। मैं बहुत थका-हारा सा बैठा हुआ था। जब राज खोसला ने मुझे बैठे देखा तो पूछा-यू नोट वेल ? तब धर्मेंद्र ने कहा कल मैंने पंडित को चरणामृत पिला दी थी, तभी आज सुस्त हैं। इसके बाद धरमजी ने मेरा कैमरा लिया और कहा आज तू मेरी नहीं, मैं तेरी तस्वीर खींचूंगा। 

    इस फिल्म के बाद भी धर्मजी से कभी-कभार मुलाकात होती रही है। 

    (जैसा कि उन्होंने अमिताभ बुधौलिया को बताया)

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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