इंदौर। शहर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है और इसका असर अब शहर की खानपान संस्कृति पर साफ दिखाई देने लगा है। मोबाइल एप पर कुछ क्लिक करते ही घर के दरवाजे तक मनपसंद व्यंजन पहुंच जाने की सुविधा ने लोगों को पहले से कहीं ज्यादा चटोरा बना दिया है। हालात यह हैं कि दिन हो या रात, जब भी कुछ नया खाने का मन करे, लोग तुरंत ऑनलाइन ऑर्डर कर देते हैं। इसी बढ़ती मांग के चलते शहर के कई होटलों और रेस्टोरेंट में लगभग 20 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार खाना तैयार किया जा रहा है। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक इंदौर में रोजाना ऑनलाइन फूड डिलीवरी का कारोबार करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक तक पहुंच चुका है। हालांकि इसके चलते रेस्टोरेंट में बैठकर खाने आने वाले ग्राहकों की संख्या में लगभग 5 प्रतिशत तक गिरावट भी दर्ज की गई है।
समय स्वाद का आनंद लेने कीआदत-
कारोबारी सूत्रों का कहना है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों ने शहर के लोगों को डिस्काउंट और ऑफर के जरिए किसी भी समय स्वाद का आनंद लेने की आदत डाल दी है। कई परिवार ऐसे हैं जो मौका मिलते ही ऑनलाइन फूड ऑर्डर कर लेते हैं। ग्राहकों को इसका सबसे बड़ा फायदा यह मिलता है कि उन्हें घर बैठे ही बाजार कीमत से कम दाम में भोजन मिल जाता है। हालांकि शहर में अभी भी कई ऐसे इलाके और रेस्टोरेंट हैं जो पूरी तरह ऑनलाइन डिलीवरी से नहीं जुड़े हैं, जबकि कुछ रेस्टोरेंट ऐसे भी हैं जिनकी लगभग 40 प्रतिशत बिक्री ऑनलाइन ऑर्डर से ही हो रही है।
ऑनलाइन डिलीवरी की हिस्सेदारी करीब20 प्रतिशत-
शहर के प्रसिद्ध छप्पन दुकान क्षेत्र में भी ऑनलाइन फूड डिलीवरी की मौजूदगी है, लेकिन यहां यह सीमित ही है। छप्पन दुकान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुंजन शर्मा के अनुसार यहां का अधिकांश कारोबार टूरिस्ट और सीधे आने वाले ग्राहकों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि कुल कारोबार में ऑनलाइन डिलीवरी की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत के आसपास है, हालांकि कुछ आउटलेट्स में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत तक भी पहुंच जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि सिर्फ नमकीन ही नहीं बल्कि डेजर्ट और मिठाइयों की ऑनलाइन मांग भी लगातार बढ़ रही है।
ग्राहकों की संख्या कुछ कम -
दूसरी ओर नमकीन-मिठाई क्लस्टर के महासचिव अनुराग बोथरा का मानना है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी के कारण रेस्टोरेंट में बैठकर खाने वाले ग्राहकों की संख्या कुछ कम जरूर हुई है। उनका कहना है कि पहले लोग परिवार या दोस्तों के साथ होटल में जाकर भोजन करना पसंद करते थे, लेकिन अब वही ग्राहक घर बैठे ऑर्डर कर देते हैं। इसके बावजूद होटल में बैठकर भोजन करने का अनुभव आज भी अलग ही माना जाता है। हालांकि पारंपरिक उत्पाद जैसे सेव, मिक्सचर और नमकीन अभी भी अधिकतर लोग दुकानों से सीधे खरीदना ही पसंद करते हैं और इस पर ऑनलाइन डिलीवरी का ज्यादा असर नहीं पड़ा है।
ऑनलाइन डिलीवरी से जुड़े कारोबारी सुरेंद्र कुमार बताते हैं कि शहर में वेज और नॉनवेज दोनों तरह के ऑर्डर आते हैं, लेकिन इंदौर में अब भी शाकाहारी भोजन की मांग ज्यादा है। उनके अनुसार पिज्जा, बर्गर, चाट, स्नैक्स और डेजर्ट के साथ-साथ पारंपरिक वेज व्यंजन भी बड़ी संख्या में ऑर्डर किए जाते हैं।
रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े दीपक जैन का कहना है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी का एक सकारात्मक असर शहर की सड़कों पर भी दिखाई देता है। पहले वीकेंड पर रेस्टोरेंट के बाहर भारी भीड़ रहती थी, लेकिन अब युवाओं में करीब 80 प्रतिशत लोग रेस्टोरेंट जाने के बजाय ऑनलाइन ऑर्डर करना पसंद करते हैं। इससे सड़कों और बाजारों में भीड़ कुछ हद तक कम हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि परिवार के साथ बाहर जाकर भोजन करने की परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है।