NEET री-एग्जाम के बीच छात्रा को श्रद्धांजलि!उमंग सिंघार पहुंचे शोकाकुल परिवार के घर, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

धार जिले की होनहार छात्रा अवंतिका मौर्य के निधन की खबर ने पूरे मध्यप्रदेश को गहरे शोक में डाल दिया है। अवंतिका NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं और इंदौर में रहकर अपने मेडिकल करियर का सपना देख रही थीं। उनकी अचानक मौत ने परिवार के साथ-साथ शिक्षा जगत और समाज को भी झकझोर दिया है।
इंदौर में रहकर कर रही थीं NEET की तैयारी
अवंतिका मूल रूप से धार जिले के बालवाड़ी खुर्द गांव की रहने वाली थीं। उनके पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य एक मेडिकल ऑफिसर हैं और खरगोन में पदस्थ हैं। अवंतिका इंदौर में रहकर पूरी गंभीरता से NEET की तैयारी कर रही थीं। परिवार के मुताबिक वह अपने भविष्य को लेकर बेहद मेहनती और केंद्रित थीं। उनकी बड़ी बहन भी मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं और पोस्ट ग्रेजुएशन की तैयारी कर रही हैं।
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उमंग सिंघार पहुंचे शोक व्यक्त करने
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और गंधवानी विधायक उमंग सिंघार अवंतिका मौर्य के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। उमंग सिंघार ने स्वर्गीय अवंतिका को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इस पहले उन्होंने परिवार को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
'यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे समाज का दुख है'
उमंग सिंघार ने कहा कि अवंतिका जैसी प्रतिभाशाली छात्रा का इस तरह जाना सिर्फ एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
सरकार से सख्त कदम की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता लाना जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि NEET जैसी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना था कि छात्रों का भरोसा फिर से जीतना समय की जरूरत है, क्योंकि बार-बार होने वाली घटनाएं उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं।
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शिक्षा व्यवस्था और NEET पर सवाल
परिवार से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने सरकार और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज की परीक्षा व्यवस्था पर युवाओं का भरोसा कमजोर होता जा रहा है। लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और विवादों ने छात्रों के मानसिक दबाव को बढ़ाया है। उनका कहना था कि यदि समय रहते सिस्टम में सुधार और सख्त कार्रवाई होती, तो कई प्रतिभाशाली छात्रों को इस तरह निराशा का सामना नहीं करना पड़ता।
शोक संवेदना पत्र भी भेजा गया
सूत्रों के अनुसार, उमंग सिंघार ने घटना की जानकारी मिलते ही अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य को शोक-संवेदना पत्र भी भेजा था। पत्र में उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह समय बेहद कठिन है और पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है।
गुरुवार रात की घटना
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात छात्रा अपने घर/रहने के स्थान पर मोबाइल पर अपनी बहन से बात कर रही थीं। इसी दौरान वह सीढ़ियों की तरफ गईं और तीसरी मंजिल से गिर गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हालांकि घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, और इसे मानसिक तनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया की बात कही जा रही है।











