ट्रंप ने ईरान को दिया नया झटका! सामने रखी नई शर्त, अब युद्ध के नुकसान का भी मांगा मुआवजा

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में अब मुआवजे का मुद्दा भी जुड़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की मांग पर पलटवार करते हुए तेहरान से भी मुआवजा मांगने की बात कही है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को उन लोगों के परिवारों को भुगतान करना चाहिए, जिनकी मौत या गंभीर चोटों का संबंध उसके समर्थित संघर्षों और हमलों से रहा है। उन्होंने USS Cole हमले के पीड़ित परिवारों और दूसरे युद्धों में मारे गए लोगों का भी जिक्र किया। ट्रंप ने हा है किया कि यह मांग आगे की बातचीत में उठाई जाएगी
ईरान से हिसाब मांग रहे ट्रंप
ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान हालिया सैन्य संघर्ष में हुए नुकसान के लिए अमेरिका से मुआवजा मांग सकता है, तो अमेरिका भी तेहरान से पुराने नुकसान का हिसाब मांग सकता है। उनके मुताबिक, ईरान की तरफ से मुआवजे की मांग पहले हुई बातचीत में सामने नहीं आई थी। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने प्रतिनिधियों को भविष्य की बातचीत में इस मुद्दे को शामिल करने का निर्देश दिया है।
USS Cole हमले का भी ट्रंप ने किया जिक्र
ट्रंप ने अपनी मांग में उन अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों के परिवारों का भी उल्लेख किया, जो अलग अलग हमलों और संघर्षों में मारे गए। उन्होंने USS Cole पर हुए हमले के पीड़ितों के परिवारों को भी मुआवजे की सूची में शामिल करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने जनरल कासिम सुलेमानी से जुड़े संघर्षों और दूसरे युद्धों में मारे गए लोगों का जिक्र किया। हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि ईरान से कुल कितनी रकम मांगी जाएगी और भुगतान का तरीका क्या होगा।
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52 हजार मौतों के दावे से बढ़ा विवाद
ट्रंप ने ईरान में पिछले कई दशकों के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों के लिए भी मुआवजे की बात कही। उन्होंने पिछले पांच महीनों में 52 हजार लोगों के मारे जाने का दावा भी किया है। यह आंकड़ा ट्रंप के बयान के तौर पर सामने आया है और उन्होंने इसके साथ विस्तृत प्रमाण नहीं दिया।
होर्मुज पर भी आमने-सामने अमेरिका और ईरान
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का दूसरा बड़ा मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि ऊर्जा की बड़ी मात्रा इसी क्षेत्र से होकर गुजरती है। ट्रंप ने 10 अगस्त को दावा किया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज में मौजूद बारूदी सुरंगों को साफ कर दिया है और समुद्री मार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है।
मुआवजे की शर्त से समझौते की राह और कठिन
ट्रंप की नई मांग ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर पहले से कई मतभेद हैं। ईरान अपने नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा है, जबकि ट्रंप अब इसके जवाब में तेहरान से मुआवजा मांग रहे हैं। दोनों पक्षों की शर्तें बढ़ने से बातचीत का रास्ता और मुश्किल हो सकता है। मौजूदा स्थिति में किसी समझौते के लिए सिर्फ युद्ध रोकना ही नहीं बल्कि मुआवजे और होर्मुज जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनाना जरूरी होगा।
तुर्की से लौटते वक्त ट्रंप की सुरक्षा भी चर्चा में
जुलाई में नाटो सम्मेलन के बाद तुर्की से लौटते समय ट्रंप ने विमान बदला था। रिपोर्टों के अनुसार, वह कुछ दूरी तक पुराने एयर फोर्स वन से रवाना हुए और बाद में दूसरे विमान से अमेरिका पहुंचे। ट्रंप ने उस समय ईरान को लेकर सुरक्षा खतरे की बात को पूरी तरह कारण नहीं माना, लेकिन यह जरूर कहा था कि वह ईरान के निशाने पर हैं। यात्रा के दौरान पत्रकारों को विमान की खिड़कियां बंद रखने के लिए भी कहा गया था।
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अब आगे क्या होगा?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बीच ट्रंप की मुआवजे वाली मांग ने बातचीत का दायरा और बढ़ा दिया है। दूसरी ओर होर्मुज को लेकर अमेरिकी दावे और ईरान की शर्तें भी स्थिति को संवेदनशील बनाए हुए हैं।











