महिला की मौत के बाद गांव में बवाल! अंतिम संस्कार पर रोक,बोले- पहले हिंदू बनो

रायपुर/ धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बन गई। सिहावा थाना क्षेत्र के बेलर गांव नवागांव में 55 वर्षीय पियन साहू की मौत के बाद ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार का विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप था कि परिवार पिछले करीब 8 वर्षों से ईसाई मिशनरी से जुड़ा था और हिंदू सामाजिक रीति-रिवाजों का पालन नहीं करता था। मामला बढ़ने के बाद गांव में बैठक हुई, जिसमें परिवार ने हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार और समाज के कार्यक्रमों में शामिल होने पर सहमति जताई।
मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद
सिहावा थाना क्षेत्र के बेलर गांव नवागांव में करीब 55 वर्षीय पियन साहू की आकस्मिक मौत के बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों और समाज के लोगों ने अंतिम संस्कार को लेकर आपत्ति जताई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और गांव में तनाव जैसी स्थिति बन गई।
ये भी पढ़ें: हनुमान अंश फिल्म पर CM साय का बड़ा ऐलान,टैक्स फ्री करने से पहले खुद देखेंगे फिल्म
8 साल से मिशनरी से जुड़े होने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप था कि मृतका का परिवार पिछले करीब 8 वर्षों से ईसाई मिशनरी से जुड़ा हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक परिवार गांव और समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों में शामिल नहीं होता था। इसी बात को लेकर अंतिम संस्कार के दौरान विरोध सामने आया।
बैठक में निकला समाधान
विवाद बढ़ने के बाद गांव में बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवार और समाज के लोगों के बीच चर्चा हुई। इसके बाद परिवार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार महिला का अंतिम संस्कार करने और आगे समाज के धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर सहमति जताई।
ये भी पढ़ें: पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद परिजनों ने किया थाने का घेराव, मारपीट के आरोप से मचा बवाल
मंदिर में पूजा के बाद हुई ‘घर वापसी’
सहमति के बाद समाज के लोगों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कराई। परिवार के सदस्यों पर गंगाजल का छिड़काव किया गया और तुलसी पत्ता खिलाया गया। इसके बाद परिवार को दोबारा समाज में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
भाई ने बताई पूरे विवाद की वजह
मृतका के भाई उमेश साहू ने बताया कि उनका परिवार करीब 8 वर्षों से ईसाई मिशनरी से जुड़ा था। अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनी थी। बैठक के बाद परिवार ने समाज के साथ रहने और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई।
ये भी पढ़ें: कवर्धा के खेतों में घुसा आदमखोर तेंदुआ,4-5 बकरियों का कर चुका शिकार,गांव में दहशत का माहौल
हिंदू रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
सहमति बनने के बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया गया। घटना के बाद गांव में हुई इस पूरी प्रक्रिया को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है।




















