इंदौर। डीजीपी के आदेश का इंदौर में कड़ाई से पालन हुआ है। यहां विभागीय जांच वाले एक भी पुलिसकर्मियों को रोका नहीं गया है। इधर, देवास जिले के विभिन्न थानों में अब भी 14 पुलिसकर्मी डटे हैं। डीजीपी ने आपराधिक प्रकरणों एवं विभागीय जांच में संलिप्त पुलिस अफसरों को हटाने के निर्देश 17 जून को दिए थे। इस आदेश के तहत देवास के पुलिस अधीक्षक ने 3 जुलाई को 14 पुलिस अधिकारियों को स्थानांतरित कर उन्हें रक्षित केंद्र में पदस्थ करने के आदेश जारी किए थे। इसे लेकर शिकायतकर्ता दुर्गेश पवार ने डीजीपी को शिकायती आवेदन भेजते हुए आरोप लगाया है कि स्थानांतरण आदेश के बावजूद इन अधिकारियों को रक्षित केंद्र के लिए रिलीव नहीं किया गया है।
पुलिस मुख्यालय के आदेश की कॉपी।
शिकायत के मुताबिक, कोतवाली थाना देवास में थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा, कमलापुर में प्रधान आरक्षक बलसिंह सहित अन्य जगह पर भी कुछ पुलिसकर्मी तबादला होने के बाद भी जमे हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी बीडी वीरा को रक्षित केंद्र देवास में पदस्थ कर दिया गया है, लेकिन कई पुलिसकर्मी अभी भी ऐसे हैं जो आदेश जारी होने के बाद भी थानों में डटे हुए हैं।
पुनीत गेहलोद ने बताया कि जो आदेश हमने जारी किए हैं, उसके तहत अधिकतर अधिकारियों को नई पदस्थापना स्थल पर भेजा है। कुछ अधिकारी, जो अब भी थानों में कार्यरत हैं, उन्हें स्पेशल टास्क पर रखा गया है। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को देखते हुए कुछ आवश्यक कार्य सौंपे गए हैं।
[quote name="राजेश दंडोतिया, पुलिस प्रवक्ता, इंदौर" quote="इंदौर शहर के किसी भी थाने में विभागीय जांच में लिप्त पुलिसकर्मी पदस्थ नहीं हैं। सभी का स्थानातंरण कर दिया है।" st="quote" style="1"]