नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एअर इंडिया को चेतावनी जारी की है। मामला मई 2025 का है, जब बेंगलुरु से लंदन जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों ने पायलटों के लिए तय अधिकतम उड़ान समय सीमा का उल्लंघन किया। DGCA के मुताबिक, इन दोनों फ्लाइट्स ने 10 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी, जो नियमों के खिलाफ है।
16 और 17 मई को एअर इंडिया की फ्लाइट AI133 ने बेंगलुरु से लंदन की यात्रा की। जांच में पता चला कि दोनों उड़ानों ने नागरिक उड्डयन आवश्यकता (CAR) के तहत निर्धारित 10 घंटे की सीमा को पार कर दिया। इसके चलते DGCA ने 20 जून को एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
एअर इंडिया ने इस नोटिस का जवाब दिया, लेकिन नियामक ने इसे संतोषजनक नहीं माना। 11 अगस्त को DGCA ने एअर इंडिया के अकाउंटेबल मैनेजर और CEO कैंपबेल विल्सन को चेतावनी पत्र जारी करते हुए कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने में लापरवाही हुई है।
एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि उस समय कुछ बॉर्डर इलाकों में एअर स्पेस बंद था, जिससे उड़ान मार्ग बदलना पड़ा और समय सीमा पार हो गई। उन्होंने कहा-
ड्यूटी पीरियड: दिन में अधिकतम 13 घंटे, रात में 10-12 घंटे (तैयारी, उड़ान और बाद का कार्य शामिल)।
उड़ान समय: दिन में अधिकतम 10 घंटे, रात में 8-9 घंटे।
आराम का समय: हर ड्यूटी के बाद कम से कम 12 घंटे या पिछली ड्यूटी के बराबर आराम।
सीमाएं: 7 दिन में अधिकतम 35 घंटे, 30 दिन में 125 घंटे और 1 साल में अधिकतम 1000 घंटे उड़ान।
अप्रैल 2025 में पाकिस्तान ने भारतीय एअरलाइनों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। इसके बाद DGCA ने एअर इंडिया को विशेष परिस्थितियों में उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) से छूट दी थी, ताकि लंबी दूरी की प्रभावित उड़ानें जारी रखी जा सकें। हालांकि आरोप है कि इस छूट का दुरुपयोग करते हुए बेंगलुरु-लंदन जैसी उड़ानों में भी पायलटों की संख्या घटा दी गई, जबकि वे इस रूट में पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से नहीं गुजरती थीं।
DGCA ने कहा कि भविष्य में नियमों का सख्ती से पालन न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी पत्र में एअर इंडिया के मैनेजमेंट को ‘अत्यधिक परिश्रम और जिम्मेदारी’ के साथ काम करने की सलाह दी गई है, ताकि उड़ान सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
ये भी पढ़ें: सिंधु जल संधि विवाद पर ओवैसी का पाकिस्तान को करारा जवाब, क्रिकेट मैच खेलने से भी किया इंकार