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MP EV Ranking : EV नीति बनाने वाला मप्र पहला राज्य होने के बाद भी देश में रैंकिंग में 23वें नंबर पर

सबसे पहले ईवी नीति (EV Policy) बनाने वाला पहला राज्य होने के बावजूद मप्र रैंकिंग में पिछड़ गया है। मप्र की रैंकिंग देश में 23वीं है। दिल्ली, महाराष्ट्र और ओडिशा इस ईवी प्रमोशन और सुविधा देने के मामले में सबसे आगे हैं।
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EV नीति बनाने वाला मप्र पहला राज्य होने के बाद भी देश में रैंकिंग में 23वें नंबर पर

अशोक गौतम,भोपाल। मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति (EV Policy) बनाने वाला देश का पहला राज्य होने के बाद भी इसके लिए इन्फ्राक्टचर उपलब्ध कराने में मप्र की रैंकिंग देश में 23वें स्थान पर है।  इंडियन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स के अनुसार, इस मामले में एमपी, यूपी, सीजी सहित 28 राज्य आकांक्षी राज्यों में शामिल हैं। इन राज्यों में सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाएं तैयार करने में काफी समय लगेगा।

दिल्ली-ओडिशा ने किया ज्यादा काम

जानकारी के अनुसार, ईवी के प्रति लोगों को जागरुक करने में दिल्ली और ओडिशा ने पिछले तीन चार सालों में बहुत काम किया है। इन राज्यों में इनके इन्फ्रास्टक्चर बहुत ही मजबूत है। यही कारण रहा है कि इन राज्यों में ईवी की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा है। बुनियादी सुविधाओं के मामले में इन राज्यों का राष्ट्रीय स्कोर 99 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं कर्नाटक, तमिलनाडु और हैदराबाद इन बुनियादी सुविधाओं को तैयार करने में आगे हैं।

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राज्य की पहल 

  • राज्य ईवी नीति में ई-मोबिलिटी के लिए अंतरविभागीय समिति का गठन
  • ईवी नीति लागू किया जाना
  • राज्य स्तरीय वेब पोर्टल उपलब्ध कराना
  • ईवी नति में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वाहन स्क्रैपिंग प्रोत्साहन
  • पार्किंग शुल्क में छूट
  • वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए परमिट में छूट
  • सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने पर पूंजीगत सब्सिडी में छूट
  • विद्युत कनेक्शन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम
  • इमारतों में ईवी चार्जिंग इन्फ्रा की अनिवार्यता 

पॉलिटेक्निक, आईटीआई के पाठ्क्रम में होगा शामिल

प्रदेश में ईवी उद्योग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनयिरिंग कॉलेजों और आईटीआई में ईवी और ईवी संबंधित पाठयक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में स्थापित किया जाएंगे।  

सरकार ने तय किया लक्ष्य

नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति-2025 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। नीति के तहत वर्ष 2030 तक मध्य प्रदेश में कुल पंजीकृत 02 पहिया, 03 पहिया, चार पहिया वाहन एवं बस के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकृत के लिए क्रमश: 40 प्रतिशत, 80 प्रतिशत, 15 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है।

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ईवी इन्फ्रास्टक्चर पर पर अनुदान 

ईवी के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन जैसे:- स्माल, मीडियम और लार्ज चार्जिंग स्टेशन के लिए 10 लाख रुपए तक  प्रोत्साहन का प्रावधान है। अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के लिए 2 करोड़ रुपए, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिये 5 लाख रुपए तक और 02 पहिया, 03 पहिया एवं कार के लिए रेट्रोफिटिंग अंतर्गत 25 हजार रुपए तक के वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम

ईवी चार्जिंग स्टेशन सहित तमाम इन्फ्रास्टक्चर पर प्रदेश में बहुत तेजी से काम हो रहा है। ईवी नीति लॉन्च कर निवेशकों को सिंगल विंडों सिस्टम उपलब्ध करया गया है। वहीं निवेशकों को राज्य सरकार सब्सिडी दे रही है। वाहनों पर अलग-अलग तरह से छूट का प्रावधान किया है।

संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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