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588 गवाह, 395 दस्तावेज और 200 से ज्यादा सबूत…दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में NIA की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच अब अदालत के अगले चरण में पहुंच गई है। स्पेशल NIA कोर्ट ने 13 आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया है।
588 गवाह, 395 दस्तावेज और 200 से ज्यादा सबूत…दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में NIA की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच अब कोर्ट में अगले चरण में पहुंच गई है। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जांच पूरी करने के बाद 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अब स्पेशल NIA कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। कोर्ट के इस कदम के बाद मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। अब इस केस की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। हालांकि, कोर्ट की ओर से चार्जशीट पर संज्ञान लेने का मतलब यह नहीं है कि आरोपियों को दोषी ठहरा दिया गया है। आरोपों पर अंतिम फैसला सुनवाई और पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

13 आरोपियों के खिलाफ NIA की चार्जशीट

NIA ने अपनी जांच के आधार पर कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में उमर-उन-नबी, आमिर राशिद अली, जासिर बिलाल वानी, मुजम्मिल, आदिल अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद, शाहीन, सोयाब, बिलाल और यासिर अहमद डार समेत अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी ने आरोपियों की कथित भूमिका और मामले से जुड़े घटनाक्रम को चार्जशीट में विस्तार से दर्ज किया है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों और सबूतों के आधार पर आरोपियों के कथित कनेक्शन की जानकारी सामने आई। चार्जशीट में शामिल उमर-उन-नबी की ब्लास्ट में मौत हो चुकी है। वहीं, मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी के फरार होने की जानकारी भी सामने आई है।

दिल्ली से जम्मू-कश्मीर तक जांच का दायरा

लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जांच केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रही। मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए NIA ने कई राज्यों और अलग-अलग इलाकों में जांच की। जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-NCR समेत कई जगहों पर जांच की। इस दौरान आरोपियों से जुड़े संभावित संपर्कों, गतिविधियों और मामले के पीछे की कथित साजिश की जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों से मिले इनपुट और सबूतों को एक साथ जोड़कर पूरे मामले की तस्वीर सामने लाने का प्रयास किया गया।

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588 गवाहों के बयान किए गए दर्ज

NIA की चार्जशीट में बड़ी संख्या में गवाहों के बयान भी शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले की जांच के दौरान 588 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। गवाहों के बयानों के जरिए घटना से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को समझने और आरोपियों की कथित भूमिका की जांच करने की कोशिश की गई। इतनी बड़ी संख्या में गवाहों के बयान दर्ज होना बताता है कि एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान कई स्तरों पर जानकारी जुटाई।

395 से ज्यादा दस्तावेज भी जांच का हिस्सा

चार्जशीट में केवल गवाहों के बयान ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में दस्तावेज भी शामिल किए गए हैं। NIA के मुताबिक, जांच के दौरान 395 से ज्यादा दस्तावेज जुटाए गए। इन दस्तावेजों को मामले से जुड़े सबूतों के तौर पर चार्जशीट में शामिल किया गया है। इसके अलावा जांच एजेंसी ने 200 से ज्यादा सामान और अन्य सामग्री जब्त की। इन सभी चीजों को जांच के दौरान मिले सबूतों के रूप में देखा गया है। NIA ने इन दस्तावेजों, जब्त सामान और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले से जुड़े घटनाक्रम और आरोपियों की कथित भूमिका को कोर्ट के सामने रखा है।

कई राज्यों में कनेक्शन तलाशने की कोशिश

जांच के दौरान NIA ने अलग-अलग राज्यों में संभावित कनेक्शन की पड़ताल की। एजेंसी ने यह पता लगाने की कोशिश की कि मामले से जुड़े लोगों के बीच किस तरह के संपर्क थे और कथित तौर पर घटना से पहले या बाद में उनकी क्या गतिविधियां थीं। दिल्ली के अलावा जम्मू-कश्मीर और दूसरे राज्यों में की गई जांच का उद्देश्य मामले की सभी कड़ियों को जोड़ना था। जांच एजेंसी ने स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई और मामले से जुड़े संभावित लोगों तथा स्थानों की जांच की।

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अब कोर्ट में आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया

स्पेशल NIA कोर्ट द्वारा चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद अब मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है। कोर्ट में आगे की सुनवाई के दौरान चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और पेश किए गए सबूतों पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरोपियों को अपना पक्ष रखने का भी मौका मिलेगा। कोर्ट सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी।

9 सितंबर की सुनवाई पर रहेगी नजर

इस मामले में अब अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। यह तारीख इसलिए अहम है क्योंकि कोर्ट पहले ही NIA की चार्जशीट पर संज्ञान ले चुका है। आने वाली सुनवाई में केस से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि चार्जशीट में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में दोष साबित नहीं करता।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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