Garima Vishwakarma
24 Jan 2026
गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था इस बार पहले से कहीं ज्यादा आधुनिक और हाई-टेक होने जा रही है। राजधानी में तैनात दिल्ली पुलिस पहली बार AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस का उपयोग करेगी। इन चश्मों की मदद से पुलिस भीड़ में चल रहे संदिग्धों की पहचान कुछ ही सेकंड में कर सकेगी, बिना किसी को रोककर पूछताछ किए। पुलिस का मानना है कि यह तकनीक सुरक्षा को एक नया स्तर देगी।
दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए AI स्मार्ट ग्लासेस तैनात करने का फैसला किया है। इन चश्मों में फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) और थर्मल इमेजिंग जैसी तकनीकें मौजूद हैं। यह सिस्टम सीधे पुलिस के क्रिमिनल डेटाबेस से जुड़ा होगा, जिसमें अपराधियों, भगोड़ों और निगरानी में रखे गए लोगों की जानकारी होती है।
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये स्मार्ट ग्लासेस पुलिसकर्मियों के सरकारी मोबाइल फोन से जुड़े रहेंगे। जब किसी व्यक्ति का चेहरा स्कैन किया जाएगा, तो सिस्टम तुरंत डेटाबेस से मिलान करेगा। अगर व्यक्ति का रिकॉर्ड नहीं मिलता, तो स्क्रीन पर हरा संकेत दिखेगा। अगर रिकॉर्ड मिलता है, तो स्क्रीन पर लाल अलर्ट आएगा।
इस तरह पुलिस को किसी को रोककर पूछताछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भीड़ में चलते-फिरते ही संदिग्ध की पहचान हो जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और सुरक्षा में चूक की संभावना कम होगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम केवल वर्तमान तस्वीर से ही नहीं, बल्कि पुरानी तस्वीरों से भी मिलान कर सकता है। अगर किसी व्यक्ति ने सालों में अपना रूप-रंग बदल लिया हो, तब भी सिस्टम उसे पहचानने में सक्षम रहेगा।
स्मार्ट चश्मों में थर्मल इमेजिंग फीचर भी है। यह सुविधा छिपे हुए धातु के सामान या संभावित हथियारों को पहचानने में मदद करती है। खासकर बड़ी भीड़ वाले इलाकों में यह फीचर बहुत उपयोगी माना जा रहा है, जहां हर व्यक्ति की मैनुअल जांच संभव नहीं होती।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (महला) ने PTI से बातचीत में बताया कि चश्मे मोबाइल से जुड़े होंगे और पुलिस के पास पूरा आपराधिक डेटाबेस रहेगा।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सब-इंस्पेक्टर सहित फील्ड में तैनात अधिकारी गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों के दौरान इन स्मार्ट ग्लासेस का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि, पुलिस ने चश्मों की संख्या और कीमत का खुलासा नहीं किया है। बस इतना बताया गया है कि समारोह के लिए पर्याप्त यूनिट्स तैनात कर दिए गए हैं।
AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस का उपयोग दिल्ली पुलिस की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसमें आधुनिक तकनीक को पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इससे भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा, संदिग्धों की पहचान तेज होगी और गणतंत्र दिवस के दौरान राजधानी की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत रहेगी।