दिल्ली होटल अग्निकांड में बड़ा खुलासा!मालिक बोला- 'दिल्ली में सब चलता है', पूछताछ में खोले कई राज

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में हुए दर्दनाक होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। मामले में होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान बजाज ने कई ऐसे खुलासे किए हैं, जिनसे जांच में नया मोड़ आ गया है।
मैं होटल का सीधा संचालन नहीं करता
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में लवकेश बजाज ने दावा किया कि वह होटल का रोजमर्रा का कामकाज नहीं देखते थे। उनके मुताबिक होटल की पूरी जिम्मेदारी एक दूसरे व्यक्ति को सौंप दी गई थी। बजाज ने बताया कि होटल की बिलिंग, अकाउंट्स, स्टाफ मैनेजमेंट और अन्य प्रशासनिक काम उसी व्यक्ति के हाथ में थे। उनका कहना है कि होटल के अंदर होने वाले कई फैसले भी वही व्यक्ति लेता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर वह व्यक्ति कौन है और उसकी भूमिका इस पूरे मामले में कितनी महत्वपूर्ण थी।
कमरों में बदलाव का सुझाव
पूछताछ के दौरान बजाज ने यह भी बताया कि होटल में कमरों का आकार बढ़ाने और कुछ संरचनात्मक बदलाव करने का सुझाव भी उसी व्यक्ति ने दिया था। बजाज के अनुसार, जब उन्होंने इन बदलावों को लेकर सवाल उठाया तो उन्हें भरोसा दिलाया गया कि ऐसी व्यवस्थाएं दिल्ली में आम बात हैं और इससे कोई परेशानी नहीं होगी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन बदलावों के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं।
दिल्ली में सब चलता है- बयान ने बढ़ाई मुश्किलें
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में लवकेश बजाज ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि दिल्ली में सब चलता है और ऐसे बदलावों को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस बयान के समने आने के बाद जांच एजेंसियां अब यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या होटल में सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानबूझकर की गई थी। अगर जांच में यह साबित होता है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी, तो जिम्मेदार लोगों पर और भी गंभीर धाराएं लग सकती हैं।
होटल के पास नहीं था फायर एनओसी
मामले की जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पूछताछ में बजाज ने स्वीकार किया कि होटल के पास फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC) नहीं था। फायर एनओसी किसी भी व्यावसायिक भवन के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज माना जाता है। यह प्रमाणित करता है कि भवन में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हैं। अब दिल्ली पुलिस बिजली विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों से रिकॉर्ड जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि होटल को किस आधार पर संचालित किया जा रहा था।
21 लोगों की दर्दनाक मौत, कई अस्पताल में भर्ती
इस भीषण अग्निकांड में कुल 21 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 12 विदेशी नागरिक और 9 भारतीय शामिल हैं। हादसे के बाद 49 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से 8 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, लेकिन कई घायल अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
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लुकआउट सर्कुलर भी किया जारी
दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था।
पुलिस को आशंका थी कि आरोपी देश छोड़कर भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसी कारण उनके खिलाफ यह कदम उठाया गया। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे लगी आग? शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा
दिल्ली अग्निशमन सेवा (Delhi Fire Service) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत भूतल पर सीढ़ियों के पास रखे सामान से हुई थी। आग धीरे-धीरे फैलते हुए पूरी इमारत में फैल गई। कुछ ही मिनटों में धुआं और लपटें कई मंजिलों तक पहुंच गईं। जांच अधिकारियों का मानना है कि अगर समय रहते सुरक्षा उपाय मौजूद होते, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
सील खिड़कियों ने बढ़ाई मौतों की संख्या
जांच में यह भी सामने आया है कि इमारत की कई खिड़कियां कथित तौर पर सील थीं। जब आग तेजी से फैली, तब लोगों के पास बाहर निकलने के बहुत कम रास्ते बचे। धुएं और गर्मी के कारण कई लोग कमरों में ही फंस गए। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी होटल या व्यावसायिक इमारत में पर्याप्त आपातकालीन निकास (Emergency Exit) होना बेहद जरूरी होता है।
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रेस्क्यू के दौरान मिले एलपीजी सिलेंडर
बचाव अभियान के दौरान अग्निशमन कर्मियों को परिसर के अंदर एलपीजी सिलेंडर भी मिले। अधिकारियों का मानना है कि इन सिलेंडरों की मौजूदगी से आग और अधिक खतरनाक हो सकती थी। अब जांच की जा रही है कि सिलेंडर वहां किस उद्देश्य से रखे गए थे और क्या उनके लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
आज कोर्ट में पेश होगा होटल मालिक
दिल्ली पुलिस आज लवकेश बजाज को अदालत में पेश करेगी। पुलिस अदालत से उसकी हिरासत की मांग कर सकती है ताकि मामले में और पूछताछ की जा सके। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि होटल के संचालन, सुरक्षा इंतजामों और निर्माण संबंधी फैसलों में किन-किन लोगों की भूमिका थी।
जांच के घेरे में कई सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं-
- क्या होटल बिना फायर एनओसी के चल रहा था?
- सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसने की?
- इमारत में किए गए बदलावों की अनुमति ली गई थी या नहीं?
- खिड़कियां सील क्यों थीं?











