दिल्ली में हाई अलर्ट :विधानसभा और मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी, कई बड़े नेताओं का जिक्र; स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को मिला ईमेल

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी ऐसे समय आई जब कुछ ही घंटों बाद दिल्ली सरकार का बजट पेश होना था। धमकी भरे ईमेल में न सिर्फ विधानसभा भवन बल्कि दिल्ली विधानसभा मेट्रो स्टेशन को भी उड़ाने की बात कही गई है।
यह ईमेल दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को भेजा गया था। धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे विधानसभा परिसर में सघन जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है।
सुबह दो अलग-अलग समय पर मिले धमकी भरे ईमेल
सूत्रों के मुताबिक धमकी भरे ईमेल मंगलवार सुबह भेजे गए।
- पहला ईमेल- सुबह 7:28 बजे दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक ईमेल पर आया
- दूसरा ईमेल- सुबह 7:49 बजे विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को मिला
ईमेल में साफ तौर पर विधानसभा भवन और दिल्ली विधानसभा मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में तुरंत हलचल शुरू हो गई।
कई बड़े नेताओं का नाम भी ईमेल में शामिल
धमकी भरे ईमेल में कई बड़े नेताओं का जिक्र किया गया है। इनमें शामिल हैं-
- उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- गृहमंत्री अमित शाह
- विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
- दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
ईमेल में इन नेताओं को भी धमकी दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गईं।
बजट सत्र से पहले बढ़ी चिंता
दिल्ली सरकार का बजट मंगलवार को विधानसभा में पेश होना था। ऐसे में बजट सत्र से ठीक पहले आई इस धमकी ने माहौल को और गंभीर बना दिया। सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी मिलने के बाद कार्यवाही में कुछ देर की देरी हुई। विधानसभा स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय लगभग आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत विधानसभा परिसर पहुंच गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने निम्न कदम उठाए-
- विधानसभा परिसर की पूरी तलाशी
- आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई
- एंटी-सबोटाज जांच शुरू
- ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश
सुरक्षा जांच के लिए स्निफर डॉग स्क्वाड को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने पूरे परिसर में जांच की।
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मेट्रो स्टेशन को भी दी गई धमकी
धमकी भरे ईमेल में सिर्फ विधानसभा ही नहीं बल्कि दिल्ली विधानसभा मेट्रो स्टेशन को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। इस वजह से मेट्रो स्टेशन के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई और यात्रियों की निगरानी तेज कर दी गई। हालांकि फिलहाल किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है।
खालिस्तानी समर्थक से आया ईमेल
रिपोर्ट्स के अनुसार, धमकी भरा ईमेल खालिस्तानी समर्थकों की ओर से भेजा गया बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। पुलिस और साइबर विशेषज्ञ फिलहाल ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटे हुए हैं।
विधानसभा परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
धमकी के बाद विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
- अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
- प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच
- सुरक्षा कैमरों की निगरानी बढ़ाई गई
विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को पहले से ही वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है।
डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट का बयान
धमकी भरे ईमेल पर दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, इस तरह की धमकियां सिर्फ सिरफिरे लोग ही दे सकते हैं, जो सरकार को काम नहीं करने देना चाहते। उन्होंने स्पष्ट कहा कि, ऐसी धमकियों से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह दिल्ली के भविष्य से जुड़ा मामला है।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। बिष्ट ने कहा कि पहले भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन इससे विधानसभा का कामकाज प्रभावित नहीं होगा और सत्र जारी रहेगा।
पुलिस कर रही है ईमेल ट्रेस करने की कोशिश
धमकी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस और साइबर सेल की टीम तुरंत सक्रिय हो गई है। अधिकारी ईमेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं और उसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश में जुटे हैं। जांच के दौरान ईमेल भेजने वाले का आईपी एड्रेस ट्रेस किया जा रहा है, साथ ही सर्वर की लोकेशन का पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां संभावित संदिग्ध संगठनों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ईमेल भेजने वाले की पहचान कर ली जाएगी।











