’16 बम लगाए गए हैं…दोपहर 1.40 पर होगा विस्फोट' दिल्ली की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की दूसरी बार धमकी मिली है। विधानसभा अध्यक्ष के ओएसडी को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि परिसर में 16 IED बम लगाए गए हैं और दोपहर 1:40 बजे धमाका होगा।
बजट सत्र के दौरान आई इस सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट मोड पर डाल दिया। पूरे परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई और एहतियाती कदम उठाए गए।
ईमेल भेजने वाले ने खुद को कोयंबटूर का निवासी बताया और कुछ राजनीतिक कारणों से नाराजगी जाहिर की। संदेश में यह भी कहा गया कि बम RDX से लैस हैं।
इस तरह की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू कर दी। साथ ही, विधानसभा परिसर को खाली कराने जैसी संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान का पता लगाने में लगी हैं।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि इससे पहले मिली समान धमकी की जांच में उसे फर्जी पाया गया था।
इससे पहले मंगलवार को भी विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय दो अलग-अलग ईमेल भेजे गए थे एक आधिकारिक ईमेल आईडी पर और दूसरा सीधे विधानसभा अध्यक्ष के निजी ईमेल पर।
इसमें विधानसभा भवन के साथ-साथ पास स्थित मेट्रो स्टेशन को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। यह घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करती हैं।
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पहली धमकी में कई बड़े राजनीतिक नामों का भी जिक्र किया गया था। इसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री जयशंकर और उपराज्यपाल तरनजीत सिंह जैसे नाम शामिल थे।
इसके अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा का भी उल्लेख किया गया था। यह संकेत देता है कि धमकी संदेश में राजनीतिक संदर्भ को केंद्र में रखा गया था।
लगातार मिल रही धमकियों के चलते सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। विधानसभा परिसर, आसपास के क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और संदिग्ध ईमेल की तकनीकी जांच की जा रही है। फिलहाल प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।