दतिया उपचुनाव का नतीजा कल : भाजपा की वापसी होगी या कांग्रेस बचाएगी अपनी सीट, कुछ घंटों में साफ होगी तस्वीर

भोपाल। मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे सोमवार 3 अगस्त को आएंगे। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने जीत के दावे किए हैं। जीत का दावा तो आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव ने भी किया है, हालांकि उनके 3 अगस्त की दोपहर तक पता चल जाएगा कि कांग्रेस ने अपनी सीट कायम रखी या भाजपा ने अपनी एक सीट और बढ़ा ली है। दतिया विधानसभा सीट का यह उपचुनाव दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल भी है।
कुल 15 राउंड में होगी पूरी मतगणना
दतिया के शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से होगी। मतगणना के दौरान सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी इसके बाद 8:30 बजे से ईवीएम के वोट काउंट किए जाएंगे। ईवीएम के वोटों की गिनती 15 राउंड में पूरी होगी। मतगणना के लिए 20 टेबल लगाए गए हैं। मतगणना के लिए हर टेबल पर काउंटिंग सुपरवाइजर, असिस्टेंट और माइक्रो ऑब्जर्वर मौजूद रहेंगे। करीब 350 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी वोटों की गिनती में लगाई गई है। इसके अलावा सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं।
भाजपा के लिए खोई सीट वापस पाने की उम्मीद
विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा यह सीट गंवा चुकी थी। ऐसे में पार्टी के लिए यह उपचुनाव हार का हिसाब बराबर करने का अवसर माना जा रहा है। भाजपा ने मप्र के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया और चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। पार्टी का लक्ष्य दतिया सीट जीतकर विधानसभा में अपनी संख्या बढ़ाना है।
कांग्रेस के सामने जीत बरकरार रखने की परीक्षा
कांग्रेस के लिए यह चुनाव अपनी जीती हुई सीट बचाने की चुनौती है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस बार पार्टी ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा है और चुनाव प्रचार में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार तथा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जनसभाओं और रैलियों के जरिए माहौल बनाने का प्रयास किया।
71.44 प्रतिशत हुआ मतदान
दतिया उपचुनाव में 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हुए 80.20 प्रतिशत मतदान से कम रहा। मतदान के बाद सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को पॉलीटेक्निक कॉलेज स्थित स्ट्रांग रूम में सशस्त्र सुरक्षा बलों की निगरानी में रखा गया है। वहां 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। गौरतलब है कि इस बार 2023 की तुलना में करीब 9 फीसदी वोट कम डाले गए हैं।
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21 उम्मीदवार मैदान में, त्रिकोणीय मुकाबले की भी चर्चा
दतिया उपचुनाव में कुल 21 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है। वहीं, आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव भी चुनावी मैदान में हैं। पूरे चुनाव के दौरान दामोदर सिंह यादव ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी लीड लेने का दावा करते रहे हैं। वहीं अन्य 18 प्रत्याशी भी हैं।
भाजपा और कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत
उपचुनाव के प्रचार में दोनों प्रमुख दलों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रचार किया। वहीं कांग्रेस की ओर से जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह ने लगातार सभाएं कर मतदाताओं को साधने का प्रयास किया।
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कुछ घंटों में सामने आएगा जनता का फैसला
अब मतगणना के साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि दतिया की जनता ने किस पर भरोसा जताया है। भाजपा खोई हुई सीट वापस हासिल करती है या कांग्रेस अपना कब्जा बरकरार रखती है, इसका फैसला सोमवार को हो जाएगा। इस परिणाम को प्रदेश की राजनीति में दोनों दलों की आगामी रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।












