Naresh Bhagoria
9 Jan 2026
इंदौर। शहर में दूषित पानी से फैली बीमारी और लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच अब संघ भी डैमेज कंट्रोल की कवायद में उतर आया है। पहली बार इस संवेदनशील मुद्दे पर संघ के पदाधिकारियों ने सीधे कलेक्टर को बुलाकर चर्चा की। बताया जा रहा है कि हालात बिगड़ते देख संगठन स्तर पर नाराजगी और जनआक्रोश को शांत करने की कोशिश शुरू की गई है।
बुधवार देर रात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव पहुंचे। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों से भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों और प्रशासनिक तालमेल को लेकर बात की गई। संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने कलेक्टर और महापौर से करीब डेढ़ घंटे तक वन-टू-वन चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, मामला संभाल नहीं पाने पर महापौर को कड़ी फटकार भी लगी है।
सूत्रों के अनुसार, संघ पदाधिकारियों की बैठक में दूषित पानी से जुड़ी घटनाओं, बीमारियों और मौतों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने और स्थिति पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर को तलब किया गया। यह भी पहली बार है जब इस मामले में संघ ने खुलकर हस्तक्षेप किया है।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे नियमित संवाद बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसे स्पष्ट रूप से डैमेज कंट्रोल की कोशिश माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस बैठक के बाद प्रशासन जमीनी स्तर पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, या मामला फिर कागजी बैठकों तक ही सीमित रह जाता है।