आंध्र प्रदेश में फिर बढ़ी कोरोना की हलचल :20 दिनों में 12 नए केस और 4 मौतें, NIV करेगी नए वैरिएंट की जांच

अमरावती। देश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर धीरे-धीरे दस्तक देता नजर आ रहा है। आंध्र प्रदेश में पिछले 20 दिनों के भीतर कोविड-19 के 12 नए मामले सामने आए हैं, जबकि चार मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी मृतक पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। वायरस के नए वैरिएंट का पता लगाने के लिए पांच सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं। पड़ोसी राज्य कर्नाटक ने भी सीमा से लगे इलाकों में एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं।
26 जून से 16 जुलाई के बीच सामने आए 12 नए मामले
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में इस साल पहला कोरोना संक्रमित मरीज 26 जून को कडप्पा जिले में मिला था। इसके बाद 16 जुलाई तक कुल 12 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई। इनमें कुछ मरीज संक्रमित लोगों के संपर्क में आने के बाद कोविड पॉजिटिव पाए गए।
4 मरीजों की मौत
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त वीरा पांडियन ने बताया कि जिन चार मरीजों की मौत हुई, वे पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। मृतकों में कडप्पा जिले के 3 मरीज और काकीनाडा जिले का 1 मरीज शामिल है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि, मौत का मुख्य कारण पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं।
किस जिले में कितने कोरोना मरीज मिले?
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जिला |
नए मामले |
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कडप्पा |
8 |
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गुंटूर |
2 |
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विशाखापत्तनम |
1 |
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काकीनाडा |
1 |
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कुल |
12 |
मरीजों की मौजूदा स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक संक्रमित मरीजों की स्थिति इस प्रकार है-
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स्थिति |
मरीज |
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होम आइसोलेशन |
3 |
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अस्पताल में भर्ती |
2 |
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स्वस्थ होकर डिस्चार्ज |
3 |
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मौत |
4 |
5 सैंपल NIV पुणे भेजे गए, नए वैरिएंट की होगी जांच
राज्य सरकार ने कोविड के नए वैरिएंट की पहचान के लिए पांच सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे हैं। इनकी जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संक्रमण किस वैरिएंट से जुड़ा है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा- कहीं भी क्लस्टर नहीं बना
स्वास्थ्य सचिव वीरा पांडियन ने बताया कि सभी संक्रमित अलग-अलग क्षेत्रों से मिले हैं। फिलहाल किसी एक इलाके में संक्रमण का समूह (क्लस्टर) नहीं बना है। इसलिए व्यापक स्तर पर संक्रमण फैलने जैसी स्थिति नहीं है।
विशाखापत्तनम में कैसे मिला मरीज?
विशाखापत्तनम के किंग जॉर्ज अस्पताल (KGH) की अधीक्षक डॉ. वाणी के अनुसार, एक मरीज में कोरोना जैसे लक्षण दिखाई देने पर पहले निजी लैब में जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सरकारी अस्पताल में दोबारा टेस्ट किया गया, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई।
देशभर में कितने कोरोना केस?
1 जुलाई से अब तक देशभर में कोविड-19 के कुल 339 मामले दर्ज किए गए हैं।
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राज्य |
मामले |
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केरल |
115 |
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कर्नाटक |
64 |
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महाराष्ट्र |
43 |
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तमिलनाडु |
39 |
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अंडमान-निकोबार |
18 |
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दिल्ली |
18 |
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राजस्थान |
12 |
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आंध्र प्रदेश |
12 |
कर्नाटक में भी बढ़ाई गई सतर्कता
आंध्र प्रदेश में नए मामलों के बाद पड़ोसी राज्य कर्नाटक ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। तुमकुरु जिले की डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण ने बताया कि आंध्र प्रदेश से सटे इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
सरकार की अपील- घबराएं नहीं, सावधानी रखें
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और स्वास्थ्य सचिव वीरा पांडियन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। राज्य के सभी अस्पतालों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।
कोरोना के प्रमुख लक्षण
- बुखार
- सूखी खांसी
- गले में खराश
- नाक बहना
- सिरदर्द
- शरीर में दर्द
- थकान
- सांस लेने में तकलीफ
कोरोना से बचाव के आसान उपाय
- नियमित रूप से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- खांसी-जुकाम होने पर मास्क पहनें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहें।
- लक्षण दिखने पर कोविड टेस्ट कराएं।
- बुजुर्ग और गंभीर बीमारी वाले लोग विशेष सावधानी बरतें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज और आइसोलेशन अपनाएं।
भारत में कोरोना की शुरुआत
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तारीख |
प्रमुख घटनाक्रम |
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दिसंबर 2019 |
चीन के वुहान में पहला कोरोना मामला |
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30 जनवरी 2020 |
भारत में पहला कोविड केस (केरल) |
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11 मार्च 2020 |
WHO ने कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित किया |
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25 मार्च 2020 |
भारत में देशव्यापी लॉकडाउन लागू हुआ |
अब तक सामने आ चुके प्रमुख कोरोना वैरिएंट
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अब तक कोरोना वायरस के कई प्रमुख वैरिएंट की पहचान कर चुका है। इनमें—
- Alpha
- Beta
- Gamma
- Delta
- Omicron
- JN.1
- XFG
- NB.1.8.1
जैसे वैरिएंट और उनके सब-वैरिएंट शामिल हैं। फिलहाल आंध्र प्रदेश से भेजे गए सैंपलों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि संक्रमण किस वैरिएंट से जुड़ा है।











