इंद्रदेव को मनाने का अनोखा टोटका :भोपाल में गधों को खिलाए गए गुलाब जामुन, 44 जिलों में बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश के 44 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है। डिंडौरी और उमरिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल में अच्छी बारिश की कामना के लिए लोगों ने गधों को गुलाब जामुन खिलाकर अनोखी लोक परंपरा निभाई। 19 जुलाई से प्रदेश में तेज बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
भोपाल में गधों को खिलाए गए गुलाब जामुन, 44 जिलों में बारिश का अलर्ट
भटके मानसून को मनाने गधों को खिलाए गए गुलाब जामुन।

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती अब लोगों की चिंता बढ़ाने लगी है। खेतों में पानी का इंतजार है, शहरों में उमस लोगों को परेशान कर रही है और किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। इसी बीच राजधानी भोपाल में बारिश की कामना के लिए लोगों ने एक अनोखी लोक परंपरा निभाई। गधों को गुलाब जामुन खिलाकर इंद्रदेव से अच्छी बारिश की प्रार्थना की गई। दूसरी ओर मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है।

भोपाल में गधों को खिलाए गए गुलाब जामुन

मानसून की बेरुखी के बीच भोपाल के कोलार रोड और चूनाभट्टी क्षेत्र में लोगों ने सालों पुरानी लोक परंपरा निभाई। यहां गधों को गुलाब जामुन खिलाकर अच्छी बारिश की प्रार्थना की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब समय पर बारिश नहीं होती, तब यह प्रतीकात्मक परंपरा निभाई जाती है। मान्यता है कि इससे इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है। लोगों ने गधों को मिठाई खिलाने के साथ किसानों की खुशहाली और प्रदेश में झमाझम बारिश की कामना भी की।

लोक मान्यता क्या कहती है?

स्थानीय लोगों के अनुसार गधा शीतला माता का वाहन माना जाता है। मान्यता है कि जब उनके वाहन को मिठाई खिलाई जाती है तो माता प्रसन्न होती हैं और इंद्रदेव अच्छी वर्षा करते हैं। मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कई गांवों में यह परंपरा लंबे समय से निभाई जाती रही है।

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44 जिलों में बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार शनिवार को प्रदेश के 44 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। डिंडौरी और उमरिया में भारी बारिश होने की संभावना है।

भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

वहीं श्योपुर, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में धूप और उमस का असर बना रह सकता है।

19 जुलाई से एक्टिव होगा नया सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ सक्रिय ट्रफ और 19 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी प्रभावी होगा। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, प्रदेश में बारिश की गतिविधियां भी तेज होती जाएंगी। अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

9 दिन बाद लौटी बारिश की रफ्तार

शुक्रवार को करीब नौ दिनों के बाद उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी बूंदाबांदी हुई। प्रदेश में फिलहाल निम्न दबाव क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने के कारण मौसम बदला हुआ है।

MP weather update

प्रदेश में सामान्य से 15% कम बारिश

लगातार कई दिनों तक भारी बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश में औसत वर्षा का आंकड़ा लगातार घट रहा है।

स्थिति

आंकड़ा

अब तक कुल बारिश

247 मिमी

सामान्य बारिश

291 मिमी

कमी

15%

पूर्वी मध्यप्रदेश

26% कम

पश्चिमी मध्यप्रदेश

5% कम

किन जिलों में सबसे कम बारिश हुई?

कम बारिश वाले प्रमुख जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, धार, झाबुआ, नर्मदापुरम, रायसेन, शिवपुरी और विदिशा शामिल हैं।

इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज

भोपाल, इंदौर, देवास, हरदा, सीहोर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, आगर-मालवा, अशोकनगर, भिंड और शाजापुर में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे

जिला

स्थिति

देवास

सामान्य से 102% अधिक, लगभग 18 इंच बारिश

हरदा

लगभग 15 इंच

इंदौर

लगभग 14 इंच

सीहोर

लगभग 14 इंच

भोपाल

13.1 इंच

आलीराजपुर

केवल 2.25 इंच, सामान्य से 74% कम

अगले चार दिन का मौसम पूर्वानुमान

तारीख

भारी बारिश का अलर्ट

अन्य प्रमुख स्थिति

18 जुलाई

डिंडौरी, उमरिया

44 जिलों में बारिश

19 जुलाई

सागर, पन्ना, छतरपुर

अधिकांश जिलों में बारिश

20 जुलाई

मऊगंज, सीधी

पूर्वी जिलों में तेज बारिश

21 जुलाई

सागर, दमोह, कटनी

कई जिलों में बारिश जारी

जुलाई में होती है सबसे ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई पूरे मानसून का सबसे अहम महीना माना जाता है। इसी महीने प्रदेश में औसतन 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।

प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश: 37.3 इंच

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर की सामान्य बारिश: 38-39 इंच

जबलपुर में जुलाई के दौरान सबसे अधिक, लगभग 17 इंच बारिश का औसत रहता है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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