Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Corona Update: फिर तेज हुई कोरोना की रफ्तार... नए मामलों में 23% का इजाफा, NIH की रिपोर्ट में खुलासा- दिमाग के लिए बेहद खतरनाक है संक्रमण

Corona Update: फिर तेज हुई कोरोना की रफ्तार... नए मामलों में 23% का इजाफा, NIH की रिपोर्ट में खुलासा- दिमाग के लिए बेहद खतरनाक है संक्रमण
देश में कोरोना के मामलों में एक बार फिर उछाल देखने को मिला है। बीते 24 घंटों में कोरोना के 16,159 नए मामले सामने आए हैं, जो कल की तुलना में 23.5% ज्यादा है। इस दौरान 28 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 15394 लोग ठीक भी हुए। देश में एक्टिव केस की संख्या 1,15,212 हो गई है। वहीं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के एक अध्ययन में पता चला है कि इस बीमारी के कारण दिमाग डैमेज भी हो सकता है।

क्या है रिकवरी रेट ?

देश में अब तक कुल संक्रमितों में से 98.53 फीसदी स्वस्थ हो चुके हैं। दैनिक संक्रमण दर 3.56% है। कोविड मृत्यु दर 1.21 फीसदी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान जारी है। अब तक कुल 1,98,20,86,763 खुराक दी जा चुकी हैं।

इन पांच राज्यों में हैं सबसे ज्यादा केस

24 घंटे में महाराष्ट्र (3098), तमिलनाडु (2662), केरल (2603), पश्चिम बंगाल (1973) और कर्नाटक में 839 मामले सामने आए हैं। 69.15% नए मामले इन पांच राज्यों से हैं, जिनमें 19.17% नए मामलों के लिए अकेले महाराष्ट्र जिम्मेदार है। वहीं, भारत का रिकवरी रेट अब 98.53 फीसदी है। पिछले 24 घंटों में कुल 15,394 मरीज ठीक हुए, जिससे देश भर में कुल ठीक होने वालों की संख्या 4,29,07,327 हो गई है।

दिमाग के लिए बेहद खतरनाक है संक्रमण

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के एक अध्ययन में पता चला है कि कोरोना वायरस के संक्रमण (Covid-19 Infection) से उत्पन्न प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Immune Response) आपके दिमाग की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है और इसके थोड़े समय और बहुत लंबे समय तक के लिए न्यूरोलॉजिकल लक्षण हो सकते हैं। ये भी पढ़ें- Corona New Variant Alert: भारत में मिला कोरोना का नया वैरिएंट… 10 राज्यों में 69 केस दर्ज, इजराइल के वैज्ञानिक ने चेताया

ठीक होने के बाद भी सदमे में लोग!

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल स्टेटिस्टिक्स (NIMS) की सीनियर साइंटिस्ट ने बताया कि कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों को किस तरह के सदमे से गुजरना पड़ा? इसका कारण क्या रहा? ये समझने के लिए 7 राज्यों के 18 जिलों में स्टडी की गई थी। ICMR-NIMS के डायरेक्टर डॉ. एम. विष्णु वर्धन राव ने बताया कि स्टडी में शामिल 80.5% लोगों ने बताया कि वो ठीक होने के बाद भी कम से कम किसी एक सदमे का सामना कर रहे हैं। जबकि, 51.3% ऐसे थे, जो किसी गंभीर सदमे का सामना कर रहे थे। ये स्टडी कोरोना की पहली लहर के दौरान की गई थी। स्टडी अगस्त 2020 से फरवरी 2021 के बीच हुई थी। इस स्टडी में पता चला कि कोविड से ठीक हो चुके 60% लोग ऐसे थे, जिन्हें बीमारी का सही कारण, ट्रांसमिशन का तरीका और इसकी रोकथाम के सारे उपायों के बारे में पता था। स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें…
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

Latest Posts