C Joseph Vijay :तमिलनाडु सरकार में 59 साल बाद कांग्रेस की वापसी, आज विजय कैबिनेट में शामिल होंगे दो विधायक

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब 59 साल बाद कांग्रेस राज्य सरकार का हिस्सा बनने जा रही है। कांग्रेस विधायक एस राजेश कुमार और पी विश्वनाथन गुरुवार को मुख्यमंत्री विजय की कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे आयोजित होगा। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि कुल कितने मंत्री शपथ लेंगे।
कौन हैं नए मंत्री?
एस राजेश कुमार किलियूर विधानसभा सीट से विधायक हैं, जबकि पी विश्वनाथन मेलूर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों नेताओं को कांग्रेस की तरफ से मंत्रिमंडल में जगह दी जा रही है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे पार्टी के लिए “ऐतिहासिक पल” बताया। उन्होंने कहा कि छह दशक बाद कांग्रेस फिर तमिलनाडु सरकार में भागीदारी कर रही है।
1967 के बाद पहली बार सत्ता में हिस्सेदारी
तमिलनाडु में 1952 से 1967 तक कांग्रेस की सरकार रही थी। उस दौर में सी. राजगोपालाचारी, के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम जैसे बड़े नेता मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन 1967 में एम. करुणानिधि की अगुआई में DMK सत्ता में आई और इसके बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह बदल गई। कांग्रेस ने बाद के वर्षों में DMK और AIADMK दोनों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन सरकार में कभी शामिल नहीं हुई।
VCK और IUML की भी खुल सकती है किस्मत...
सूत्रों के मुताबिक, विदुथलाई चिरुथइगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। हालांकि AIADMK के बागी नेताओं को फिलहाल कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।
TVK के वरिष्ठ नेता और मंत्री आधव अर्जुना ने कांग्रेस, VCK और IUML से सरकार में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री विजय की व्यापक गठबंधन राजनीति का हिस्सा बताया।
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कैसे बदला समीकरण
कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु में सत्ता में हिस्सेदारी चाहती थी। विधानसभा चुनाव से पहले भी पार्टी के कई नेताओं ने गठबंधन सरकार की मांग उठाई थी। हालांकि DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने चुनाव से पहले साफ कर दिया था कि तमिलनाडु में सत्ता साझेदारी का मॉडल लागू नहीं होगा। इसके बाद चुनाव परिणाम आने के बाद 4 मई को कांग्रेस ने DMK गठबंधन छोड़ दिया और विजय सरकार को समर्थन देने का फैसला किया।
फिलहाल कांग्रेस के पास तमिलनाडु विधानसभा में 5 विधायक हैं। विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 9 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया था।











