FIFA के फैसले पर UEFA का बड़ा फैसला:रेड कार्ड के बावजूद फोलारिन बालोगुन को खेलने की अनुमति देने पर उठाए सवाल

FIFA World Cup 2026 के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। यूरोपीय फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था UEFA ने फीफा (FIFA) के उस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें अमेरिका के स्टार स्ट्राइकर Folarin Balogun को Red Card मिलने के बावजूद बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेलने की अनुमति दे दी गई। UEFA ने अपने आधिकारिक बयान में फीफा के इस फैसले को “समझ से परे और पूरी तरह अनुचित” बताते हुए कहा कि इससे प्रतियोगिता की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
UEFA बोला- फीफा ने पार की ‘रेड लाइन’
UEFA ने कहा कि फुटबॉल के नियमों की अलग-अलग व्याख्या हो सकती है लेकिन रेड कार्ड मिलने के बाद एक मैच का स्वतः निलंबन ऐसा नियम है, जिसमें किसी तरह की छूट नहीं दी जा सकती। UEFA ने अपने बयान में कहा कि रेड कार्ड मिलने के बाद कम से कम एक मैच का प्रतिबंध अनिवार्य होता है। यह किसी समिति की मंजूरी पर निर्भर नहीं करता और न ही इसे बीच टूर्नामेंट में बदला जा सकता है। अगर ऐसा किया जाता है तो यह खेल की निष्पक्षता और सभी टीमों के साथ समान व्यवहार के सिद्धांत के खिलाफ होगा।
फीफा ने एक साल के लिए टाल दिया निलंबन
अमेरिकी टीम के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ मुकाबले में रेड कार्ड मिला था। उन्होंने विरोधी खिलाड़ी तारिक मुहारेमोविच के टखने पर पैर रख दिया था, जिसके बाद रेफरी ने उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया। फुटबॉल के नियमों के मुताबिक रेड कार्ड मिलने पर अगला मैच अपने आप मिस करना पड़ता है, लेकिन फीफा ने रविवार को उनके एक मैच के निलंबन को तत्काल प्रभाव से लागू करने के बजाय एक साल की प्रोबेशन अवधि के लिए स्थगित कर दिया। फीफा ने कहा कि यदि प्रोबेशन अवधि के दौरान बालोगुन इसी तरह का कोई गंभीर नियम उल्लंघन करते हैं, तो यह निलंबन स्वतः लागू हो जाएगा और नए मामले में अलग से कार्रवाई भी की जाएगी।
ट्रम्प ने फैसले का किया समर्थन
फीफा के इस फैसले का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वागत किया। बाद में समाचार एजेंसी Associated Press की रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रम्प ने व्यक्तिगत स्तर पर हस्तक्षेप कर बालोगुन का निलंबन हटवाने में भूमिका निभाई। हालांकि इस दावे पर फीफा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बेल्जियम फुटबॉल संघ ने जताई कड़ी नाराजगी
रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन (RBFA) ने फीफा के फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह विश्व कप 2026 प्रतियोगिता के नियमों के सीधे खिलाफ है। संघ ने अपने बयान में कहा कि सभी टीमों के अधिकारों और फेयर प्ले की भावना की रक्षा के लिए वह सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
बेल्जियम के कोच ने भी कसा तंज
बेल्जियम के मुख्य कोच रूडी गार्सिया ने फीफा के फैसले पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें लगा जैसे फीफा के दफ्तर में 5 जुलाई नहीं बल्कि 1 अप्रैल यानी अप्रैल फूल डे चल रहा हो। उनका यह बयान फीफा के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
बढ़ सकता है विवाद
फोलारिन बालोगुन इस विश्व कप में अब तक अमेरिका के लिए तीन गोल कर चुके हैं और टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। ऐसे में उन्हें बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति मिलने से विवाद और गहरा गया है। अब यह मामला केवल एक खिलाड़ी के निलंबन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विश्व फुटबॉल में नियमों की समानता, निष्पक्षता और फीफा के फैसलों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर फीफा और UEFA के बीच टकराव और बढ़ सकता है।












