इंग्लैंड ODI सीरीज के बीच भारतीय टीम को लगा झटका!नितीश कुमार रेड्डी हुए बाहर, शिवम दुबे को मिला मौका

स्पोर्ट्स डेस्क। इंग्लैंड के खिलाफ 14 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति ने ऑलराउंडर शिवम दुबे को टीम में शामिल किया है। बोर्ड ने 6 जुलाई को इसकी आधिकारिक घोषणा की।
अफगानिस्तान सीरीज के दौरान लगी थी चोट
Nitish kumar Reddy अभी तक अपनी क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। उन्हें यह चोट अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान लगी थी। इसके बाद से वह लगातार क्रिकेट से दूर हैं। इससे पहले भी वह आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के मुकाबले नहीं खेल पाए थे। अब इंग्लैंड के खिलाफ पूरी वनडे सीरीज से बाहर होना उनके लिए एक और बड़ा झटका है।
हार्दिक की गैरमौजूदगी में था बड़ा मौका
हार्दिक पांड्या के चोटिल होने के बाद नितीश कुमार रेड्डी के पास वनडे टीम में अपनी जगह मजबूत करने का अच्छा अवसर था। हार्दिक फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में रिहैब कर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि नितीश इस मौके का फायदा उठाकर टीम में अपनी दावेदारी मजबूत करेंगे, लेकिन चोट के कारण ऐसा नहीं हो सका।
चयनकर्ताओं ने उन्हें जल्दबाजी में टीम में शामिल करने के बजाय पूरी तरह फिट होने का समय देने का फैसला किया है। यही वजह है कि उन्हें 23 जुलाई से शुरू होने वाली जिम्बाब्वे दौरे की टी20 सीरीज के लिए भी टीम में जगह नहीं मिली।
जिम्बाब्वे T20 टीम में कई बड़े बदलाव
जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 टीम में भी कई चौंकाने वाले फैसले लिए गए हैं। टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर मौका दिया गया है।
इसके अलावा अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा भी इस दौरे का हिस्सा नहीं होंगे। दूसरी ओर यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह को पहली बार भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। वहीं रिंकू सिंह की टीम में वापसी हुई है। चयनकर्ताओं के इन फैसलों से साफ है कि आगामी टूर्नामेंटों को देखते हुए युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके देने की रणनीति अपनाई जा रही है।











