राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस : कृष्ण मोहन की शिकायत पर हुई थी FIR, अब संभालेंगे चंपत राय वाली जिम्मेदारी

नई दिल्ली। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को हुई बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट ने चंपत राय के प्रशासनिक दायित्व कृष्ण मोहन को सौंप दिए हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इसकी पुष्टि की। सूत्रों के अनुसार, कृष्ण मोहन फिलहाल अनिल मिश्रा के कार्यों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस फैसले के बाद कृष्ण मोहन एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
दर्ज कराई थी पहली शिकायत
कृष्ण मोहन का नाम पहले राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सामने आया था। उनकी शिकायत के आधार पर अयोध्या पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। ट्रस्ट से जुड़े लोगों का मानना है कि इस मामले में कृष्ण मोहन की सक्रिय भूमिका ने ट्रस्ट के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रशासनिक अनुभव के कारण मिला ट्रस्ट में स्थान
दिवंगत ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। उन्होंने वर्ष 1970 में लखनऊ विश्वविद्यालय से जियोलॉजी में एमएससी की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद भारतीय वन सेवा (IFS) के महाराष्ट्र कैडर में शामिल हुए। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) और कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वर्ष 2012 में सेवानिवृत्ति के बाद वे हरदोई लौटे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में नगर, जिला और प्रांत स्तर पर विभिन्न दायित्व निभाए।
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महासचिव का पद क्यों है अहम
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महासचिव का पद सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों में शामिल है। इस पद पर कार्यरत व्यक्ति मंदिर के दैनिक संचालन, विभिन्न समितियों के बीच समन्वय, ट्रस्ट की बैठकों का आयोजन, निर्णयों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी करता है। चंपत राय लंबे समय तक इस भूमिका में रहे और राम मंदिर निर्माण से लेकर ट्रस्ट के कई महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी केंद्रीय भूमिका रही। अब यही जिम्मेदारी कृष्ण मोहन निभाएंगे।
22 जुलाई की बैठक में होंगे अहम फैसले
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट में तीन ट्रस्टी पद रिक्त हो गए हैं। इन पदों पर नियुक्ति के लिए 22 जुलाई को ट्रस्ट की अगली बैठक बुलाई गई है। इस दौरान नए ट्रस्टियों के नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, कृष्ण मोहन को योग्य उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में भी अहम भूमिका सौंपी गई है। साथ ही, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और उससे जुड़े आगे के कदमों पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
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SIT जांच में सामने आया करोड़ों का गबन
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया। इसी प्रकरण के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि चढ़ावा की राशि में 200 करोड़ रुपए से अधिक के कथित गबन की आशंका है।












