Naresh Bhagoria
7 Feb 2026
Shivani Gupta
7 Feb 2026
भोपाल। जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल (शहर) ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध सभा जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना के नेतृत्व में कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर आयोजित की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की और भाजपा सरकार को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि ऐसे कायराना हमलों से न तो जीतू पटवारी के हौसले टूटेंगे और न ही कांग्रेस का संघर्ष रुकेगा। नेताओं ने कहा कि नशा माफिया और वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई अब और भी आक्रामक तरीके से लड़ी जाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सबिस्ता जकी, महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कंसाना, पार्षद गुड्डू चौहान, आसिफ जकी, अशोक मारण, जीत राजपूत, दानिश शब्बीर, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया और युवा कांग्रेस कार्यवाहक जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रविवार, 31 अगस्त 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के काफिले पर मांगरोल में अचानक पथराव हुआ। इस हमले में पटवारी की गाड़ी का कांच टूट गया और मौके पर भगदड़ मच गई। गनीमत रही कि पटवारी इस हमले में बाल-बाल बच गए।
सूत्रों के अनुसार, यह हमला धाकड़ समाज के कुछ लोगों ने किया, जो पटवारी के एक कथित विवादास्पद बयान से नाराज थे। हालांकि कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे भाजपा का हाथ है और भाजपा के मंडल अध्यक्ष की मिलीभगत से यह घटना हुई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पटवारी ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ आंदोलन में हिस्सा लेने रतलाम जा रहे थे। इसी दौरान मांगरोल में उनके काफिले पर पथराव किया गया। कांग्रेस ने इसे भाजपा की शह पर हुई सुनियोजित साजिश बताया है। वहीं, पटवारी ने भी आरोप लगाया कि जब से वे प्रदेश में बढ़ते नशे और अपराध के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, भाजपा उनके खिलाफ हमले करा रही है।
रतलाम हमले के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।