बताया जा रहा है कि करीब 20 कांग्रेस विधायक दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन में मौजूद हैं और मंत्री पद के लिए प्रयास कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व भी कैबिनेट में बदलाव को लेकर मंथन कर रहा है, जबकि अंतिम फैसला हाईकमान के हाथ में है।
कांग्रेस के कई विधायक इन दिनों दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी कर्नाटक भवन में ठहरे हुए हैं। इन नेताओं में टीबी जयचंद्र, अशोक पट्टन और विनय कुलकर्णी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा पुत्तरंगा शेट्टी, एआर कृष्णमूर्ति और बी शिवन्ना भी मौजूद बताए जा रहे हैं। इन विधायकों का मकसद आगामी मंत्रिमंडल फेरबदल में जगह बनाना है। सूत्रों के अनुसार, सभी नेता पार्टी हाईकमान से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। इस गतिविधि से साफ है कि सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर अंदरखाने जोरदार हलचल है।
बता दें कि कर्नाटक में मौजूदा समय में 34 मंत्री कार्यरत हैं। पार्टी के भीतर चर्चा है कि इनमें से कई चेहरों को बदला जा सकता है। इसका उद्देश्य सरकार के खिलाफ बन रही नाराजगी को कम करना बताया जा रहा है। साथ ही नए चेहरों को मौका देकर संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम रणनीतिक रूप से अहम हो सकता है। फेरबदल के जरिए पार्टी अपने शासन मॉडल को नई दिशा देना चाहती है। इससे आगामी चुनावों में भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट फेरबदल का फैसला जल्दबाजी में नहीं होगा। संभावना है कि अन्य राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि 4 मई के बाद इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। पार्टी नेतृत्व फिलहाल सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है। राजनीतिक समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखा जा रहा है। इस बीच विधायकों की सक्रियता ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। फिलहाल सभी की नजर हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी है।
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इस पूरे घटनाक्रम पर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने माना है कि कि विधायक दिल्ली में मौजूद हैं और बातचीत जारी है। साथ ही उन्होंने सभी को पार्टी अनुशासन में रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बयानबाजी से पार्टी की छवि खराब हो सकती है। शिवकुमार ने साफ किया कि मंत्री पद की मांग करना गलत नहीं है। लेकिन इसे सार्वजनिक रूप से उठाना उचित नहीं माना जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी विरोधी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई होगी।