नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद बन चुका है। भारत मंडपम में हुए इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड बताते हुए 7 दिन की रिमांड की मांग की है। वहीं कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।
20 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया, जब इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अचानक शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने राजनीतिक संदेश लिखी टी-शर्ट लहराईं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। यह सब उस समय हुआ, जब समिट में कई देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मौजूद थे।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि, इस पूरे प्रदर्शन की योजना पहले से बनाई गई थी और इसके पीछे उदय भानु चिब की अहम भूमिका रही।
पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि-
पुलिस के मुताबिक, यह सब कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला था।
दिल्ली पुलिस ने 23 फरवरी को उदय भानु चिब को पूछताछ के लिए तिलक मार्ग थाने बुलाया था। यहां उनसे लगभग 15 से 20 घंटे तक लगातार पूछताछ की गई। इसके बाद तड़के करीब 4:30 बजे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का आरोप है कि, पूछताछ के दौरान चिब ने जांच में सहयोग नहीं किया और अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की।
गिरफ्तारी के बाद उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने 7 दिन की पुलिस रिमांड की मांग करते हुए अदालत में दलील दी कि, जांच के लिए आरोपी को जम्मू, अमेठी और हिमाचल प्रदेश सहित अन्य स्थानों पर ले जाना आवश्यक है। पुलिस ने यह भी कहा कि, मामले से जुड़े अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराना जांच का अहम हिस्सा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
उदय भानु चिब के वकील ने अदालत में पुलिस की रिमांड मांग का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि, चिब घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे और राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के कारण उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। बचाव पक्ष ने कहा कि सिर्फ कुछ टी-शर्ट की बरामदगी के लिए पुलिस कस्टडी मांगना पूरी तरह अनुचित है। वकील ने यह भी तर्क दिया कि, भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है।
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अदालत में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि हर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं और यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि, चिब का उन कार्यकर्ताओं से कोई सीधा संबंध नहीं है जिन्होंने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया था। बचाव पक्ष का आरोप है कि केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है। वकील ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की आवाज को दबाना सही नहीं है।
दिल्ली पुलिस अब तक इस मामले में कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से 4 आरोपियों को घटना वाले दिन ही हिरासत में ले लिया गया था, जबकि 3 कांग्रेस नेताओं को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर से भी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपियों को पहले ही 5 दिन की पुलिस कस्टडी मिल चुकी है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। QR कोड स्कैन कर समिट हॉल में एंट्री ली। ऊपर जैकेट और स्वेटर, अंदर विरोध वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। हॉल नंबर 5 के पास कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया गया। पुलिस का दावा है कि, पहले काले छाते के जरिए स्टिकर छिपाने की योजना थी, लेकिन जांच के डर से टी-शर्ट पर ही स्टिकर चिपकाए गए।
कांग्रेस पार्टी ने X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी कर उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को असंवैधानिक करार दिया है। पार्टी ने कहा कि, यह कार्रवाई तानाशाही सोच का नतीजा है और सरकार लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि, भारतीय संविधान हर नागरिक को विरोध करने का अधिकार देता है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने समर्थकों के साहस की सराहना करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।
इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने कहा कि, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को देश विरोधी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार हर तरह की असहमति की आवाज को दबाना चाहती है और यह तरीका अंग्रेजी शासन जैसा प्रतीत होता है। ओझा ने यह भी कहा कि, यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई राज्यों में पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
उदय भानु चिब का जन्म वर्ष 2000 में जम्मू-कश्मीर में हुआ। वे कांग्रेस नेता हरि सिंह चिब के पुत्र हैं और इंडियन यूथ कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वर्ष 2017-18 में उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा, इसके बाद 2021 में वे जम्मू-कश्मीर यूथ कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी बने। 2023 में उन्हें इंडियन यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया और 2024 में वे उदय भानु चिब के रूप में इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।