मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला:ATF की कीमतों पर ₹75.60 प्रति लीटर लगेगा कैप, 10 हजार करोड़ के फंड की मिली मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के मूल्य स्थिरीकरण फंड को मंजूरी दी है। वहीं दिल्ली में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए 5,041 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति मिली है। इसके अलावा बिहार, तेलंगाना और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना, प्रदूषण कम करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
ATF की बढ़ती कीमतों से राहत देने की तैयारी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में विमानन टरबाइन ईंधन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ATF की लागत बढ़ने से एयरलाइंस पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के मूल्य स्थिरीकरण फंड को मंजूरी दी है। इस फंड का उद्देश्य ईंधन लागत में अचानक वृद्धि का असर सीधे यात्रियों पर पड़ने से रोकना है। इससे हवाई किरायों को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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ATF प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड बनाने का फैसला
सरकार द्वारा बनाई गई नई व्यवस्था के तहत यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF की कीमतें अत्यधिक बढ़ती हैं तो यह फंड ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और विमानन क्षेत्र को राहत देगा। इससे एयरलाइंस के संचालन खर्च में अचानक वृद्धि का प्रभाव कम किया जा सकेगा। वहीं जब वैश्विक बाजार में कीमतें कम होंगी तो अतिरिक्त सहायता राशि सरकार के समेकित कोष में वापस जमा कराई जाएगी। इस व्यवस्था से विमानन क्षेत्र को स्थिरता मिलने की संभावना है।
दिल्ली में पुराने वाहनों को बदला जाएगा
कैबिनेट ने दिल्ली में प्रदूषण कम करने और परिवहन व्यवस्था को सही करने के लिए 5,041 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत पुराने व्यावसायिक ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से बदला जाएगा। सरकार ने लगभग 1.9 लाख ट्रकों और 16 हजार बसों को बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही वाहन मालिकों को नए वाहन खरीदने के लिए लोन पर पांच प्रतिशत ब्याज छूट देने का भी निर्णय लिया गया है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए कई बड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। रामेश्वरम-कोणार्क-पारादीप तटीय राजमार्ग परियोजना के लिए 8,301 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। बिहार में एनएच-31 और एनएच-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड के चौड़ीकरण हेतु 3,936 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। वहीं तेलंगाना में एनएच-63 और एनएच-563 के विभिन्न हिस्सों के फोर लेन निर्माण के लिए 7,597 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से यातायात सुगम होने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
एमपी समेत कई राज्यों से होगी कनेक्टिविटी
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के उन्नयन के लिए 4,415 करोड़ रुपये की मंजूरी भी प्रदान की है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक, व्यापारिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से माल परिवहन की लागत कम होगी और यात्रा का समय भी घटेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।












