भोपाल में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने बुधवार को PCC कार्यालय के सामने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला जलाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उन्हें दलित विरोधी बताया।
महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रूपाली शर्मा ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान किया है जो एक दलित समाज से आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर हिमंता बिस्वा सरमा माफी नहीं मांगते हैं तो महिला कांग्रेस आगे भी उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।
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दरअसल कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइया पर विदेशी संपत्ति और कई पासपोर्ट होने के आरोप लगाए थे। इन आरोपों का समर्थन मल्लिकार्जुन खरगे ने भी किया था।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने खरगे के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 'खरगे जी की उम्र हो गई है लेकिन वह एक पागल व्यक्ति की तरह बात कर रहे हैं।' यही बयान अब विवाद की बड़ी वजह बन गया है और कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब असम पुलिस ने दिल्ली में पवन खेड़ा के आवास पर छापेमारी की। इस पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए और विदेश मंत्रालय से स्पष्टीकरण की मांग की।
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महिला कांग्रेस ने साफ किया है कि अगर असम के मुख्यमंत्री माफी नहीं मांगते हैं तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है और दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है।