चुनावी सरगर्मी के बीच कांग्रेस का यह फैसला कई सवाल खड़े कर रहा है। जहां अन्य दल तेजी से प्रचार में जुटे हैं, वहीं कांग्रेस अभी भी अपने उम्मीदवारों को लेकर रणनीति में बदलाव कर रही है। कांग्रेस का यह कदम चुनाव से ठीक पहले की रणनीतिक चाल माना जा रहा है। हालांकि, लगातार हो रहे बदलाव यह भी संकेत देते हैं कि पार्टी अभी अपने समीकरणों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
कांग्रेस ने जिन सीटों पर पहले उम्मीदवार घोषित किए थे, उनमें से 7 पर अब नए चेहरे उतारे हैं। इन सीटों पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होना है, जिससे यह बदलाव अहम माना जा रहा है। पार्टी ने आखिरी समय में यह फैसला लेकर अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव का संकेत दिया है। हालांकि, उम्मीदवार बदलने के पीछे के कारणों का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है।
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नई सूची में एक बिल्कुल नया नाम भी जोड़ा गया है। हावड़ा सीट से कांग्रेस ने प्रणब भट्टाचार्य को उम्मीदवार बनाया है। यह इस लिस्ट का इकलौता ऐसा नाम है, जिसे पहली बार घोषित किया गया है। बाकी सभी सीटों पर पहले घोषित उम्मीदवारों की जगह बदलाव किया गया है।
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नाकाशिपाड़ा, छपरा, मिनाखां, मंदिरबाजार और रैना समेत कई सीटों पर उम्मीदवार बदले गए हैं। पार्टी ने पुराने उम्मीदवारों की जगह नए नामों को मौका दिया है। केतुग्राम और औसग्राम सीट पर भी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों में बदलाव किया है। इन बदलावों से साफ है कि पार्टी जीत के समीकरण को लेकर नए सिरे से रणनीति बना रही है।
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल पहले से ही गर्म है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी समेत बड़े नेता मैदान में उतर चुके हैं। कांग्रेस के इस फैसले ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। अब देखना होगा कि उम्मीदवारों में यह बदलाव पार्टी को कितना फायदा पहुंचाता है।