इंदौर। शहर में गर्मी ने मार्च के मध्य में ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान लगातार बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने लगी है। हालात यह हैं कि मार्च के शुरुआती 15 दिनों में ही शहर में प्रतिदिन करीब पौने दो करोड़ यूनिट बिजली की खपत दर्ज की जा रही है। दोपहर के साथ-साथ अब रात में भी एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का इस्तेमाल शुरू हो गया है।
कई इलाकों में पानी के लिए टैंकर सहारा
गर्मी बढ़ने के साथ शहर के कई ऐसे इलाके, जहां नर्मदा जल सप्लाई नहीं पहुंची है, वहां पानी की समस्या भी गहराने लगी है। इन क्षेत्रों में लोग बोरिंग पर निर्भर हैं, लेकिन पानी का स्तर घटने से हर तीसरे-चौथे दिन टैंकर बुलाने की नौबत आ रही है। नगर निगम के टैंकरों से भी पानी मिल रहा है, लेकिन रहवासियों का कहना है कि यह पानी पीने योग्य नहीं होता। कई बार टैंकर के पानी से बदबू आने की शिकायत भी सामने आ रही है।
मार्च में ही 38 डिग्री तक पहुंचा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार इस बार मार्च में ही तापमान तेजी से बढ़ रहा है। 11 मार्च को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि आमतौर पर यह स्तर मार्च के आखिरी दिनों में दर्ज होता है। इसके बाद भी अधिकांश दिनों में तापमान 36 से 37 डिग्री के बीच बना हुआ है।
रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक रहा। वहीं शनिवार को न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा था।
कल से मिल सकती है थोड़ी राहत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसका असर सोमवार से दिखाई देना शुरू हो जाएगा। मंगलवार से शनिवार के बीच हल्के बादल छाने की संभावना है, जिससे दिन के तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। उमस बढ़ने पर शहर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।
पिछले चार साल में मार्च का तापमान
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च में अधिकतम तापमान आमतौर पर महीने के अंतिम दिनों में बढ़ता है।
31 मार्च 2022 – 38.7 डिग्री
30 मार्च 2023 – 36.3 डिग्री
28 मार्च 2024 – 39 डिग्री
26 मार्च 2025 – 38.2 डिग्री
चारों वर्षों में तापमान मार्च के आखिरी तीन-चार दिनों में ही अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।