PlayBreaking News

MP की भोजशाला वाग्देवी मंदिर घोषित :तीन इंटरवेंशन पर सुनवाई के बाद डबल बेंच का फैसला. हिंदुओं को पूजा का अधिकार

फैसले को देखते हुए धार और इंदौर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार होने के कारण संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है।
Follow on Google News
तीन इंटरवेंशन पर सुनवाई के बाद डबल बेंच का फैसला. हिंदुओं को पूजा का अधिकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला विवाद मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। वर्षों पुराने इस संवेदनशील मामले में पांच याचिकाओं और तीन इंटरवेंशन पर लंबी सुनवाई के बाद डबल बेंच ने अपना फैसला सुनाया।

यह मामला लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद का केंद्र बना हुआ था। कोर्ट के फैसले के बाद पूरे प्रदेश की नजरें अब प्रशासन की व्यवस्थाओं और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं।

फैसले के बाद धार और इंदौर में हाई अलर्ट

फैसले को देखते हुए धार और इंदौर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार होने के कारण संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है। प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

Breaking News

ASI सर्वे भी बना था अहम आधार

इस विवाद में ASI की सर्वे रिपोर्ट भी अहम रही। 2024 में ASI ने भोजशाला परिसर का वैज्ञानिक सर्वे किया था। सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने शिलालेख, स्थापत्य अवशेष और ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए भोजशाला को मंदिर बताया था। वहीं मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट और धार्मिक दावों पर सवाल उठाए थे।

यह भी पढ़ें: Ujjain: उज्जैन के जय गुरुदेव आश्रम पहुंचे CM मोहन यादव, महाराज बोले- ‘मोहन प्यारे अब जनता के लाडले बन गए हैं’

सोशल मीडिया पर प्रशासन की कड़ी नजर

फैसले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रशासन की विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट खबर को साझा न करें।

यह भी पढ़ें: सिंहस्थ 2028: CM मोहन यादव की निगरानी में सिंहस्थ 2028 तैयारियां तेज, उज्जैन में विकास कार्यों की रफ्तार तेज

वर्षों से चल रहा था विवाद

भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा था। हिंदू पक्ष भोजशाला को मां वाग्देवी यानी सरस्वती मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र बताता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts