West Bengal:संजीव सान्याल बनेंगे पश्चिम बंगाल के नए वित्त मंत्री ? नंदीग्राम से लड़ सकते हैं चुनाव

नंदीग्राम सीट खाली होने के बाद उपचुनाव की अटकलें तेज हो गई हैं। वित्त मंत्रालय जैसे अहम विभाग के लिए विशेषज्ञ की तलाश जारी है। संजीव सान्याल का नाम दोनों भूमिकाओं के लिए सामने आ रहा है। बीजेपी नेतृत्व उन्हें बंगाल की आर्थिक दिशा बदलने वाले चेहरे के रूप में देख रहा है।
नंदीग्राम सीट छोड़ने से बदले समीकरण
सीएम शुभेंदु अधिकारी द्वारा नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला राज्य की राजनीति में नया मोड़ लेकर आया है। उन्होंने भवानीपुर सीट को अपने पास रखते हुए एक तरह से राजनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत दिया है। नंदीग्राम, जहां उनका मजबूत जनाधार माना जाता है, अब वहां उपचुनाव होगा। ऐसे में यह सीट बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन सकती है। पार्टी यहां किसी ऐसे चेहरे को उतारना चाहती है जो जीत दिला सके। इसी वजह से इस सीट के लिए बड़े नामों पर विचार किया जा रहा है।
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वित्त मंत्रालय फिलहाल सीएम शुभेंदु के पास
फिलहाल राज्य का वित्त मंत्रालय खुद मुख्यमंत्री संभाल रहे हैं, जो उनके ऊपर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। इसके साथ ही गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और वाणिज्य जैसे विभाग भी उनके पास हैं। इतनी बड़ी जिम्मेदारी के बीच आर्थिक सुधारों पर फोकस करना आसान नहीं है। बंगाल की आर्थिक स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में एक अनुभवी और विशेषज्ञ वित्त मंत्री की जरूरत है। सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई विधायक नहीं है जो इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभा सके।
संजीव सान्याल का नाम क्यों सबसे आगे ?
संजीव सान्याल देश के जाने-माने अर्थशास्त्री हैं और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं। उनका प्रशासनिक और वैश्विक आर्थिक अनुभव उन्हें बाकी संभावित चेहरों से अलग बनाता है। बीजेपी के भीतर भी उन्हें एक मजबूत और सक्षम विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी का मानना है कि सान्याल जैसे विशेषज्ञ बंगाल की आर्थिक दिशा बदल सकते हैं। उनकी छवि एक ऐसे व्यक्ति की है जो नीतिगत फैसलों को व्यावहारिक रूप दे सकता है। यही कारण है कि उनका नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है।
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अनुभवी अधिकारियों को लाने की कवायद
बीजेपी पहले भी विशेषज्ञों को राजनीति में लाकर अहम जिम्मेदारियां सौंपती रही है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और हरदीप सिंह पुरी इसके प्रमुख उदाहरण हैं। पार्टी का मानना है कि जटिल विषयों में विशेषज्ञता रखने वाले लोग बेहतर प्रशासन दे सकते हैं। बंगाल में भी इसी रणनीति को अपनाने की तैयारी दिखाई दे रही है। संजीव सान्याल को आगे बढ़ाना इसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है। इससे सरकार को नीति निर्माण में मजबूती मिल सकती है।
सान्याल ने बंगाल की आर्थिक स्थिति पर रखी बात
बता दें कि संजीव सान्याल ने हाल के दिनों में कई मंचों पर बंगाल की आर्थिक स्थिति को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था को ठहराव से बाहर निकालने की जरूरत पर जोर दिया है। उनके अनुसार कोलकाता का पतन प्राकृतिक नहीं बल्कि नीतिगत कारणों से हुआ है। सान्याल का मानना है कि सही रणनीति और निवेश के जरिए बंगाल को फिर से आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।
नंदीग्राम से चुनाव लड़ा सकती है बीजेपी
सियासी गालियारों में यह चर्चा तेज है कि संजीव सान्याल को नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। यह सीट बीजेपी के लिए सुरक्षित मानी जाती है और यहां से जीत की संभावना भी ज्यादा है। अगर सान्याल चुनाव लड़ते हैं तो यह उनका सीधा राजनीतिक पदार्पण होगा। इससे पार्टी को एक मजबूत चेहरा मिलेगा जो प्रशासन और राजनीति दोनों में संतुलन बना सके।












