NEET विवाद पर आज जंतर-मंतर में CJP का शक्ति प्रदर्शन,शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों के लिए मुआवजे की मांग

NEET परीक्षा विवाद और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर देशभर में चल रहा आक्रोश अब राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। इस प्रदर्शन को लेकर पार्टी ने पहले से तैयारी कर रखी है और मंच पर उन छात्रों के पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर NEET विवाद और उससे जुड़े दबाव के बीच अपनी जान गंवाई। दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य NEET परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाना और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाना है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थक शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा बना प्रदर्शन का केंद्र
CJP का कहना है कि NEET पेपर लीक विवाद के बाद भी छात्रों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। पार्टी का दावा है कि पिछले कुछ हफ्तों में कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मुद्दे को प्रमुखता देने के लिए प्रदर्शन स्थल पर उन छात्रों की तस्वीरें और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनकी मौत ने देशभर में बहस छेड़ दी थी। पार्टी का कहना है कि इन परिवारों की आवाज सरकार तक पहुंचाना जरूरी है।
प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर रखी मांगें
प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा है कि NEET विवाद से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। पत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की गई है। अभिजीत दीपके का कहना है कि जब लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला विवादों में है, तब जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि देश का मौजूदा माहौल युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। उनके अनुसार केवल पुनर्परीक्षा करवा देना समाधान नहीं है, बल्कि उन कारणों को भी समझना होगा जिनकी वजह से छात्र मानसिक दबाव में आ रहे हैं।
राहुल गांधी समेत नेताओं से समर्थन की अपील
अभिजीत दीपके ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित सभी राजनीतिक दलों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की है। उनका कहना है कि जो भी नेता युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर हैं, उन्हें इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी राहुल गांधी से इस विषय पर कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। उनका कहना है कि यह राजनीतिक नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा सामाजिक मुद्दा है। दीपके ने कहा कि नेताओं के पास राजनीतिक समर्थन जुटाने के लिए संसाधन होते हैं, लेकिन जब छात्रों और उनके परिवारों को मदद की जरूरत होती है तो उन्हें अक्सर अकेला छोड़ दिया जाता है।
कई शहरों में हो चुके हैं प्रदर्शन
दिल्ली का प्रदर्शन CJP का पहला आंदोलन नहीं है। इससे पहले पार्टी पुणे, लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर और नागपुर जैसे शहरों में भी प्रदर्शन कर चुकी है। कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर भी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक शामिल हुए थे। पार्टी लगातार सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए NEET विवाद को उठाती रही है।
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कैसे हुई CJP की शुरुआत?
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक विवादित टिप्पणी के बाद हुई थी। मई महीने में एक सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में आई थी, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं को लेकर टिप्पणी की गई थी। इसी के बाद अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अभिजीत दीपके ने 16 मई को सोशल मीडिया के जरिए CJP की शुरुआत की। धीरे-धीरे यह अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ते गए।
कौन हैं अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले हैं और पेशे से डिजिटल मीडिया रणनीतिकार रहे हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। वर्तमान में वे अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस विषय में मास्टर्स कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और NEET विवाद को लेकर चलाए गए अभियानों ने उन्हें अचानक चर्चा में ला दिया। पार्टी का दावा है कि उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों लोग जुड़े हुए हैं।












