उज्जैन पहुंचे CJI सूर्यकांत, बाबा महाकाल का लिया आशीर्वाद, CM डॉ. मोहन यादव के साथ 18.66 करोड़ की परियोजना का शुभारंभ

उज्जैन में शुक्रवार का दिन न्यायिक और धार्मिक दोनों लिहाज से खास रहा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत उज्जैन पहुंचे और सबसे पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन और पूजन-अर्चन किए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उज्जैन की न्यायिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत की। दोनों ने करीब 18.66 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले न्यायाधीश अतिथि गृह का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।
इस नए अतिथि गृह के बनने के बाद देश और प्रदेश के अलग-अलग न्यायालयों तथा न्यायिक संस्थानों से उज्जैन आने वाले न्यायाधीशों को बेहतर और सुविधाजनक ठहरने की सुविधा मिल सकेगी। परियोजना को उज्जैन की न्यायिक व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे CJI सूर्यकांत
उज्जैन प्रवास के दौरान CJI जस्टिस सूर्यकांत ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महाकाल मंदिर पहुंचने पर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका सम्मान किया गया। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें बाबा महाकाल का प्रसाद और स्मृति-चिह्न भी भेंट किया गया। कार्यक्रम में संभागायुक्त आशीष सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से CJI के उज्जैन दौरे को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
18.66 करोड़ से बनेगा न्यायाधीश अतिथि गृह
महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद CJI जस्टिस सूर्यकांत और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव न्यायाधीश अतिथि गृह के भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस परियोजना पर करीब 18.66 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उज्जैन की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करना और न्यायाधीशों के लिए बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। नया अतिथि गृह आधुनिक सुविधाओं से तैयार किया जाएगा। इसके बनने के बाद उज्जैन आने वाले न्यायाधीशों को ठहरने के लिए बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।
1.947 एकड़ जमीन पर होगा निर्माण
न्यायाधीश अतिथि गृह का निर्माण करीब 1.947 एकड़ भूमि पर किया जाएगा। प्रस्तावित भवन G+1 यानी भूतल और प्रथम तल की संरचना में तैयार होगा। भवन में न्यायाधीशों के ठहरने के लिए जरूरी सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा। इसका डिजाइन इस तरह तैयार किया जाएगा कि बाहर से आने वाले न्यायाधीशों को उज्जैन प्रवास के दौरान आरामदायक और सुविधाजनक आवास मिल सके।
बाहर से आने वाले न्यायाधीशों को मिलेगी सुविधा
उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में शामिल है और यहां अलग-अलग न्यायिक कार्यक्रमों के सिलसिले में न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों का आना-जाना रहता है। नए अतिथि गृह के निर्माण से विभिन्न न्यायालयों और न्यायिक संस्थानों से उज्जैन आने वाले न्यायाधीशों को ठहरने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
इससे न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा। साथ ही, भविष्य में न्यायिक कार्यक्रमों और बैठकों के आयोजन में भी यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।
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न्यायिक अधोसंरचना को आधुनिक बनाने पर जोर
न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केवल अदालतों की संख्या बढ़ाना ही जरूरी नहीं है, बल्कि उनके लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में उज्जैन में न्यायाधीश अतिथि गृह की परियोजना शुरू की गई है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह भवन न्यायिक अधिकारियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है।
CJI को भेंट की गई महाकालेश्वर मंदिर की प्रतिकृति
भूमिपूजन और शिलान्यास समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने CJI जस्टिस सूर्यकांत को श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। यह भेंट उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ी रही। वहीं, जिला अभिभाषक संघ की ओर से समारोह में मौजूद सभी न्यायाधीशों को भगवान श्री महाकालेश्वर का छायाचित्र भेंट किया गया।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी रहे मौजूद
न्यायाधीश अतिथि गृह के भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश, जिला न्यायालय के न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।











