छिंदवाडा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गया। एक ही गांव से पांच लोगों की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। करेर गांव में जब एक साथ पांच अर्थियां उठीं, तो हर आंख नम हो गई और माहौल शोक में डूब गया। इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ गांव, बल्कि पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
यह दर्दनाक दुर्घटना 26 मार्च की शाम छिंदवाडा-नागपुर रोड पर हुई। जानकारी के अनुसार एक बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में सवार कई यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर ही कई लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया।
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इस दुर्घटना में कुल 10 लोगों की जान चली गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों में करेर गांव के पांच लोग शामिल थे- रामदास पराने, सिया इनाती, दौलत फरकारे, भगवती और शकून यादव। इनके अलावा अन्य गांवों के लोग भी इस हादसे का शिकार बने।
शुक्रवार को जब मृतकों के शव करेर गांव पहुंचे तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। एक ही गांव से पांच अर्थियां एक साथ उठीं- यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। गांव में सन्नाटा पसरा रहा, कई घरों में चूल्हा नहीं जला और बाजार भी बंद रहे। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। हर ओर सिर्फ चीख-पुकार और मातम का माहौल था।
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बताया जा रहा है कि बस में सवार कई लोग मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। गुरुवार को आयोजित हितग्राही सम्मेलन में भाग लेने के बाद वे अपने गांव वापस जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
इस जानकारी के सामने आने के बाद घटना और भी संवेदनशील हो गई है।
घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार शाम को करेर गांव पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद दी जाएगी।
राज्य सरकार ने हादसे के बाद तत्काल राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों को 1-1 लाख रुपए की मदद दी जाएगी। सरकार ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।