छिंदवाड़ा: CMHO डॉ. नरेश गुन्नाड़े कटनी अटैच, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया था सस्पेंड

छिंदवाड़ा। मोहखेड़ा ब्लॉक की हितग्राही सीमा को प्रसूति सहायता और जननी सुरक्षा योजना का लाभ समय पर नहीं मिला था। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बावजूद जिला स्तर पर लंबित मामलों और पोर्टल डेटा की प्रभावी समीक्षा नहीं की गई। जिले में दोनों योजनाओं से जुड़ी 237 शिकायतें लंबित मिलीं और 623 गर्भवती महिलाओं का प्रसव अनमोल पोर्टल पर अपडेट नहीं था।
निलंबन और कटनी अटैच की कार्रवाई
मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत डॉ. नरेश गोन्नाडे को निलंबित किया है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए निलंबन अवधि के दौरान उनका नया मुख्यालय कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कटनी अटैच कर निर्धारित किया गया है। यह कार्रवाई शासकीय दायित्वों और योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही के बाद की गई है।

हितग्राही को समय पर नहीं मिला योजना का लाभ
छिंदवाड़ा के मोहखेड़ा ब्लॉक की हितग्राही सीमा को मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना और जननी सुरक्षा योजना का लाभ समय पर नहीं मिला था। पोर्टल पर तकनीकी रूप से मामला उलझने और प्रथम प्रसव का रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं होने के कारण हितग्राही को पोर्टल द्वारा अपात्र कर दिया गया था। इसके बाद पीड़िता ने समय पर भुगतान नहीं मिलने को लेकर 18 अप्रैल 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी।
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623 गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड नहीं हुआ अपडेट
मामले में सामने आया कि जिला स्तर पर लंबित मामलों और पोर्टल डेटा की कोई प्रभावी समीक्षा नहीं की गई। छिंदवाड़ा जिले में मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना की 202 और जननी सुरक्षा योजना की 35 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर लंबित पाई गईं। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 तक की समयावधि बीतने के बाद भी 623 गर्भवती महिलाओं का प्रसव अनमोल पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया था।
जवाब असंतोषजनक मिलने के बाद कार्रवाई
विभाग की ओर से जारी कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब में सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाडे ने अपना प्रतिवाद उत्तर प्रस्तुत किया था। विभाग ने उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद शासन की ओर से अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।












