छिंदवाड़ा में भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद को लेकर बढ़ी हलचल, चार युवा नेताओं के नाम चर्चा में

छिंदवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नए जिलाध्यक्ष को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। युवा मोर्चा का जिलाध्यक्ष पद भाजपा के मुख्य संगठन में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि संगठन में सक्रिय कई युवा नेताओं ने इस पद के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि फिलहाल करीब आधा दर्जन नामों की चर्चा है, लेकिन यमन साहू, अंकित जैन, शिवा सरसवार और कुबेर सूर्यवंशी प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं।
युवा मोर्चा को माना जाता है भाजपा में आगे बढ़ने का रास्ता
भाजपा में युवा मोर्चा लंबे समय से नए नेतृत्व को तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच रहा है। छिंदवाड़ा में भी युवा मोर्चा से जुड़े कई नेता आगे चलकर भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। पूर्व में विवेक 'बंटी' साहू, जो वर्तमान में सांसद हैं, और योगेश राणा, जो भाजपा के उपाध्यक्ष हैं, जैसे नेताओं का राजनीतिक सफर भी युवा मोर्चा से जुड़ा रहा है। ऐसे में जिलाध्यक्ष पद को लेकर युवाओं में स्वाभाविक रूप से दिलचस्पी बनी हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष के दौरे के बाद बढ़ी सक्रियता
बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के छिंदवाड़ा दौरे के दौरान भी कई युवा नेताओं ने संगठन के स्तर पर अपनी दावेदारी और सक्रियता दिखाई थी। इसके बाद से जिलाध्यक्ष पद को लेकर चर्चाओं ने और जोर पकड़ा है। हालांकि अभी संगठन की ओर से किसी नाम पर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम फैसला भाजपा संगठन की प्रक्रिया और नेतृत्व के निर्णय के बाद ही सामने आएगा।
यमन साहू का नाम भी चर्चा में
यमन साहू को इस दौड़ में प्रमुख नामों में माना जा रहा है। वे वर्ष 2014 से भाजपा संगठन में सक्रिय बताए जाते हैं और 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर भूमिका निभाई थी।

यमन साहू पिछड़ा वर्ग समुदाय से आते हैं। इसके अलावा वे 'श्रद्धा सुरभि फाउंडेशन' के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। संगठन में लंबे समय से सक्रियता और सामाजिक क्षेत्र में भागीदारी को उनकी दावेदारी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
अंकित जैन के पास संगठनात्मक अनुभव
भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष अंकित जैन भी जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। वे सिंगोड़ी क्षेत्र से आते हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। अंकित जैन वर्ष 2017 से 2022 तक जिला मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

युवा मोर्चा में वर्तमान जिम्मेदारी के साथ उनके संगठनात्मक अनुभव को भी उनकी दावेदारी के पक्ष में देखा जा रहा है।
शिवा सरसवार का छात्र संगठन से लंबा जुड़ाव
शिवा सरसवार का संगठनात्मक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ा रहा है। वे ब्लॉक संयोजक से लेकर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और सिवनी-बालाघाट विभाग संयोजक जैसे दायित्व संभाल चुके हैं।

वर्ष 2012 से 2021 के बीच उन्होंने पीजी कॉलेज छात्र संघ चुनावों में संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे पर 2019 में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें तीन दिन जेल भी जाना पड़ा था। बाद में इस मामले में उन्हें बरी कर दिया गया। छात्र राजनीति और संगठन में लंबे अनुभव के कारण उनका नाम भी जिलाध्यक्ष पद के लिए चर्चा में है।
कुबेर सूर्यवंशी का संघ और संगठन से जुड़ा अनुभव
कुबेर सूर्यवंशी भी इस दौड़ में प्रमुख दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से रहा है। उन्होंने एकल विद्यालय में करीब 13 वर्ष तक पूर्णकालिक कार्य किया है।

वर्तमान में वे भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष होने के साथ जनपद सदस्य भी हैं। संगठनात्मक अनुभव और जमीनी स्तर पर सक्रियता के चलते उनका नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है।
किसके नाम पर लगेगी मुहर?
फिलहाल भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद को लेकर कई नामों पर चर्चा चल रही है। चार प्रमुख दावेदारों के अलावा भी कुछ अन्य युवा नेता संगठन के संपर्क में बताए जा रहे हैं। अब सबकी नजर भाजपा नेतृत्व के फैसले पर है। जिलाध्यक्ष की नियुक्ति में संगठनात्मक अनुभव, सक्रियता, सामाजिक समीकरण और पार्टी नेतृत्व के भरोसे जैसे पहलुओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी संगठन द्वारा ही लिया जाएगा।
Edited By: Sumit Shrivastava












