CG NEWS:तुरतुरिया मंदिर में बाढ़ से घिरे 250 श्रद्धालु, पुलिस ने कंधे पर उठाकर कराया रेस्क्यू

PREM KUMAR, RAIPUR बलौदाबाजार जिले के प्रसिद्ध तुरतुरिया मंदिर में दर्शन करने पहुंचे करीब 250 श्रद्धालु रविवार को अचानक आई बाढ़ में फंस गए। तेज बारिश से बालमदेही नदी उफान पर आ गई और वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जोखिम उठाते हुए सभी श्रद्धालुओं का सुरक्षित रेस्क्यू किया। कई लोगों को जवानों ने अपने कंधों पर बैठाकर नदी पार कराई। घटना के बाद नगर सेना की देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
दर्शन के बाद बढ़ा खतरा
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले स्थित प्रसिद्ध तुरतुरिया मंदिर में रविवार सुबह भंडारपुरी डुम्हा गांव से करीब 250 श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे थे। सुबह नदी में पानी कम होने के कारण सभी आसानी से मंदिर पहुंच गए।

बारिश ने बदले हालात
दोपहर बाद क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हुई। लगातार बारिश से बालमदेही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। कुछ ही देर में नदी उफान पर आ गई और मंदिर से लौटने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में फंस गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही कसडोल थाना प्रभारी प्रवीण मिंज के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस जवानों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और तेज बहाव के बीच श्रद्धालुओं तक पहुंचे।

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कंधों पर बैठाकर पार कराई नदी
रेस्क्यू के दौरान कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को पुलिस जवानों ने अपने कंधों पर बैठाकर सुरक्षित नदी पार कराई। घंटों चले अभियान के बाद सभी 250 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

नगर सेना की देरी पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोपहर करीब 2:30 बजे नगर सेना को सूचना दे दी गई थी, लेकिन शाम करीब 5 बजे तक उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान पुलिस ने अकेले ही पूरा रेस्क्यू अभियान चलाया। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था
पुलिस की अपील
थाना प्रभारी प्रवीण मिंज ने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में नदी-नालों को पार करने से बचें। किसी भी धार्मिक या पर्यटन स्थल पर जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।












