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छत्तीसगढ़ में नया कानून लागू!धर्मांतरण करने वालों के लिए अब उम्रकैद, विपक्ष ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ में अब धर्मांतरण करना हुआ अपराध! राज्यपाल ने धर्म स्वातंत्र्य कानून को मंजूरी दी। अब किसी को भी जबरन, लालच या धोखे से धर्म बदलवाने पर 7 से 20 साल तक की जेल और करोड़ों रुपए का जुर्माना हो सकता है।
धर्मांतरण करने वालों के लिए अब उम्रकैद, विपक्ष ने उठाए सवाल
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चर्चा में रहे धर्म स्वातंत्र्य कानून को राज्यपाल रामेन डेका ने आखिरकार मंजूरी दे दी है। अब यह कानून राज्य में पूरी तरह लागू हो गया है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को जबरन, लालच या धोखे से धर्म परिवर्तन कराने वाले को गंभीर अपराध माना जाएगा।

    जबरन धर्मांतरण पर पूरी तरह रोक

    सरकार का कहना है कि यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा और जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए जरूरी कदम है। अब यदि कोई व्यक्ति बल, लालच या धोखाधड़ी से किसी का धर्म बदलवाता है, तो उसे कड़ी सजा का सामना करना होगा।

    अपराधियों के लिए सख्त प्रावधान

    सामान्य मामलों में दोषी को 7 से 10 साल की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए का जुर्माना भरना होगा। यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति या पिछड़ा वर्ग से है, तो सजा बढ़कर 10 से 20 साल जेल और कम से कम 10 लाख रुपए जुर्माना किया जाएगा। सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा 10 साल से लेकर उम्रकैद और न्यूनतम 25 लाख रुपए जुर्माना तक हो सकती है। यदि दोषी दोबारा ऐसे अपराध में फंसता है, तो सीधे उम्रकैद का प्रावधान लागू होगा।

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    राजनीतिक बहस तेज: विपक्ष ने उठाए सवाल

    कानून लागू होते ही प्रदेश में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह कानून निर्दोष लोगों के खिलाफ इस्तेमाल न हो।

    बैज ने सवाल उठाया कि जब भाजपा सरकार कोई कानून लाती है, तो उस पर तुरंत मंजूरी मिल जाती है, लेकिन अन्य विधेयकों में क्यों देरी होती है। उन्होंने याद दिलाया कि आरक्षण से जुड़ा एक विधेयक पिछले तीन साल से राजभवन में लंबित है, जिस पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए गए।

    उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

    इससे पहले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने संकेत दिया था कि राज्यपाल इस विधेयक पर जल्द हस्ताक्षर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल चिंतनशील व्यक्ति हैं और किसी भी समय इस पर मंजूरी संभव है।

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    कानून के लागू होने से अब क्या बदल जाएगा?

    अब किसी भी व्यक्ति को जबरन धर्मांतरण के लिए मजबूर करना अपराध होगा। धर्मांतरण के मामलों में ज्यादा सख्त सजा लागू होगी, खासकर vulnerable समूहों के लिए। यह कानून सामूहिक धर्मांतरण पर भी रोक लगाता है और दोषियों के लिए उम्रकैद तक की सजा का रास्ता खोलता है।

    जनता और प्रशासन की तैयारी

    अब प्रशासन को कानून के पालन और निगरानी के लिए कदम उठाने होंगे। पुलिस और संबंधित विभाग धर्मांतरण के मामलों पर विशेष ध्यान देंगे।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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