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CG में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता :प्रवक्ता रूपेश समेत 140 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, शाह बोले- 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा

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प्रवक्ता रूपेश समेत 140 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, शाह बोले- 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी जीत मिली है। नक्सली प्रवक्ता रूपेश उर्फ टी वासुदेव राव ने 140 साथियों के साथ सरेंडर कर दिया है। रूपेश पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था, जबकि बाकी नक्सलियों पर 5 लाख से 25 लाख तक के इनाम घोषित थे। सरेंडर करने वालों में 10 सीनियर नक्सली भी शामिल हैं। इनमें रनिता, भास्कर, नीला उर्फ नंदे, और दीपक पालो जैसे टॉप लीडर हैं।

    हथियारों के साथ पुलिस के पास पहुंचे नक्सली

    सभी नक्सली अपने ए-47, इंसास, SLR और 303 राइफलें लेकर इंद्रावती नदी के किनारे पहुंचे। उन्हें बोट के जरिए बीजापुर पुलिस के पास लाया गया। इलाके में भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को सभी नक्सली सीएम विष्णुदेव साय की मौजूदगी में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे।

    अबूझमाड़ और बस्तर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त - अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं। केवल साउथ बस्तर में कुछ बचे हैं, जिन्हें जल्द खत्म कर दिया जाएगा।

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    उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में 258 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। सिर्फ जनवरी 2024 से अब तक 2100 नक्सली सरेंडर, 1785 गिरफ्तार और 477 मारे गए हैं। शाह ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक भारत नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।

    कांकेर में भी 50 से ज्यादा नक्सलियों का आत्मसमर्पण

    15 अक्टूबर को कांकेर जिले में 50 से अधिक नक्सलियों ने भी BSF कैंप में सरेंडर किया था। इनमें राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना जैसे टॉप लीडर शामिल थे। सभी को बस के जरिए कैंप लाया गया और इलाके में हाई अलर्ट घोषित किया गया था।

    भूपति जैसे बड़े नक्सली भी कर चुके हैं सरेंडर

    इससे एक दिन पहले नक्सल संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति ने भी 60 साथियों के साथ महाराष्ट्र में आत्मसमर्पण किया था। भूपति पर 6 करोड़ से ज्यादा का इनाम था और वह माओवादी संगठन का वरिष्ठ नेता माना जाता था।

    20 महीनों में 1,876 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

    बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि पिछले 20 महीनों में 1,876 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं और अब सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा- हमें पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में और भी नक्सली समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे।

    अब देश में सिर्फ 3 जिले ही नक्सल प्रभावित

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक अब देश में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं – छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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