CG NEWS:छग विधानसभा में 14 घंटे 26 मिनट चली मैराथन बहस, 136 बिंदुओं वाला कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज

प्रेम कुमार, रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस द्वारा साय सरकार के खिलाफ लाया गया 136 बिंदुओं का अविश्वास प्रस्ताव लंबी और तीखी बहस के बाद ध्वनिमत से खारिज हो गया। लगभग 14 घंटे 26 मिनट तक चली चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। राहुल गांधी-हिडमा विवाद पर सदन में हंगामा भी हुआ। आखिरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया और अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
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14 घंटे चली मैराथन बहस
छत्तीसगढ़ विधानसभा में दोपहर करीब 12:10 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बहस, आरोप-प्रत्यारोप और जवाबी हमले चलते रहे। करीब 14 घंटे 26 मिनट बाद रात 2:36 बजे प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया गया।
136 बिंदुओं पर कांग्रेस का हमला
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर 136 बिंदुओं के आधार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और आदिवासियों के हितों की अनदेखी कर रही है और जनता से किए वादे पूरे नहीं हुए।
भाजपा का पलटवार
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार और लूट हुई। उन्होंने विपक्ष को पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देने की नसीहत दी।
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राहुल-हिडमा विवाद पर गरमाया सदन
बहस के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राहुल गांधी और नक्सली हिडमा का जिक्र किया। इस पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। विधायक देवेंद्र यादव ने बयान का प्रमाण मांगा, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई और सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री का जवाब
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव को केवल औपचारिकता बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पिछला कार्यकाल आपसी खींचतान और सत्ता संघर्ष में बीता। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार महिलाओं, किसानों और गरीबों के लिए लगातार योजनाएं चला रही है। महतारी वंदन योजना समेत कई उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने विपक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि जनता फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी।
18 सदस्यों ने रखा पक्ष
अविश्वास प्रस्ताव पर कुल 18 विधायकों ने चर्चा में हिस्सा लिया। लंबी बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रस्ताव खारिज होने की घोषणा की और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा का अगला शीतकालीन सत्र दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बुलाया जाएगा।












