CG NEWS:2200 करोड़ के भुगतान पर ठेकेदारों का बवाल, विधानसभा कूच से पहले अर्धनग्न प्रदर्शन

प्रेम कुमार, रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबित भुगतान को लेकर ठेकेदारों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे ठेकेदारों ने नवा रायपुर में अर्धनग्न प्रदर्शन किया और विधानसभा घेराव के लिए कूच किया। हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें विधानसभा से पहले ही रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने 2200 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान समेत 9 मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
2200 करोड़ के भुगतान पर ठेकेदारों का विरोध
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेशभर के ठेकेदार नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर एकत्र हुए। यहां से विधानसभा घेराव के लिए निकले प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत विधानसभा से करीब 200 मीटर पहले ही रोक दिया। इस दौरान ठेकेदारों ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया।

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बैरिकेडिंग के बीच सरकार के खिलाफ नारेबाजी
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
एसोसिएशन का आरोप- भुगतान नहीं मिलने से विकास कार्य प्रभावित
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि जल जीवन मिशन सहित कई निर्माण विभागों में कार्य पूरा होने के बाद भी डेढ़ से दो साल तक भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
'ज्ञापन दिए, घेराव किया, फिर भी नहीं मिला समाधान'
बीरेश शुक्ला ने कहा कि एसोसिएशन पहले भी कई बार सरकार और विभागों को ज्ञापन सौंप चुकी है। जल जीवन मिशन कार्यालय का घेराव भी किया गया, लेकिन भुगतान प्रक्रिया में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि अब पुलिस बल के जरिए आंदोलन दबाने की कोशिश की जा रही है।

दो दिन बाद बनेगी आंदोलन की नई रणनीति
एसोसिएशन ने साफ किया कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसके लिए दो दिन बाद बैठक बुलाकर अगली रणनीति तय की जाएगी।
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ठेकेदारों की 9 प्रमुख मांगें
- 2200 करोड़ रुपये के लंबित बिलों का तत्काल भुगतान।
- 3000 करोड़ रुपये के आगामी बिलों के लिए अग्रिम बजट।
- रनिंग और पार्ट पेमेंट तुरंत शुरू किया जाए।
- 100 प्रतिशत कार्य पूरा होने पर पूरा भुगतान।
- अनुबंध के बाद लागू अतिरिक्त नियम समाप्त हों।
- अगले छह महीने के कार्यों के लिए पर्याप्त बजट।
- फंड की कमी से विकास कार्य प्रभावित न हों।
- भ्रष्ट अधिकारियों की निष्पक्ष जांच।
अनुबंध के अनुसार ठेकेदारों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार।












