चंडीगढ़ कैशियर मर्डर केस :जम्मू से लाए जा रहे आरोपियों ने छीनी पिस्टल, पुलिस ने किया एनकाउंटर; दोनों के पैर में लगी गोली

चंडीगढ़ के बहुचर्चित जानकी दास हत्याकांड में बुधवार सुबह बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जब पुलिस चंडीगढ़ लेकर आ रही थी, तभी रास्ते में उन्होंने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग भी की गई, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के पैरों में गोली मारकर उन्हें दोबारा पकड़ लिया।
कैसे हुआ पूरा एनकाउंटर?
जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार सुबह करीब 5 से 5:30 बजे के बीच सेक्टर-25 के जंगल क्षेत्र और धनास के पास हुई। पुलिस टीम जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार आरोपी सन्नी मेहरा और आर्यन को चंडीगढ़ ला रही थी। इसी दौरान पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि लगातार ड्यूटी के कारण ड्राइवर की आंख लग गई और गाड़ी पेड़ से टकरा गई।
दुर्घटना का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि, उन्होंने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और पुलिस पर फायरिंग भी की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों के पैरों में गोली मार दी।
दोनों आरोपियों के पैर में लगी गोली
इस ऑपरेशन का नेतृत्व ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर हरिंदर और क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर नरेंद्र पटेल कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, सन्नी मेहरा के दोनों पैरों में दो गोलियां लगीं, जबकि आर्यन के पैर में एक गोली लगी। दोनों को घायल अवस्था में तुरंत पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस वाहन के चालक को भी गर्दन में चोट आई है।
घटना के बाद पूरे मामले को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने दोपहर 12 बजे प्रेस वार्ता बुलाने की जानकारी दी है। माना जा रहा है कि, पुलिस इस दौरान एनकाउंटर और जांच से जुड़े कई अहम तथ्यों का खुलासा कर सकती है।
जम्मू-कश्मीर से हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में राजौरी क्षेत्र से दो मुख्य आरोपियों सन्नी और आर्यन को गिरफ्तार किया था। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी जंगल क्षेत्र में छिपे हुए हैं। हालांकि इस मामले का तीसरा आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
क्या है जानकी दास हत्याकांड?
13 जून 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने ऑटोमैटिक हथियार से करीब 11 राउंड फायर किए और बाइक पर फरार हो गए। जानकी दास मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू के रहने वाले थे और पिछले 24 वर्षों से मेडिकल स्टोर में काम कर रहे थे।
वारदात के बाद कैसे भागे आरोपी?
हत्या के बाद तीनों आरोपी सेक्टर-52 के कजहेड़ी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने कपड़े बदले। इसके बाद बस के जरिए दिल्ली पहुंचे और वहां एक होटल में रुकने के बाद ट्रेन से जम्मू-कश्मीर भाग गए। जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली थी।
जांच में सामने आया सुपारी किलिंग का एंगल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह हत्या कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग (सुपारी) के तहत कराई गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें चंडीगढ़ में हत्या के लिए जम्मू-कश्मीर के शार्प शूटरों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
गोल्डी ढिल्लों के नाम से वायरल हुआ ऑडियो
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के नाम से एक ऑडियो वायरल हुआ। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर आरोपियों को नुकसान पहुंचाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। हालांकि पुलिस या संबंधित एजेंसियों ने इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कौन है गोल्डी ढिल्लों?
गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों पंजाब के राजपुरा का रहने वाला बताया जाता है। वह वर्ष 2022 से भारत से फरार है और उसके जर्मनी या यूरोप में छिपे होने की आशंका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया है। जांच एजेंसियां उसे लॉरेंस-गोल्डी बराड़ गैंग का ऑपरेशनल हैंडलर मानती हैं। उस पर भारत में शूटरों की भर्ती, हथियारों की व्यवस्था और कई हाई-प्रोफाइल रंगदारी व हत्या के मामलों में शामिल होने के आरोप हैं।
पांच पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड
इस हत्याकांड के बाद जांच में लापरवाही सामने आने पर चंडीगढ़ पुलिस ने पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। इनमें तीन महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। आरोप है कि वारदात के बाद नाकों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे आरोपी फरार होने में सफल रहे।
जानकी दास मर्डर केस: पूरी टाइमलाइन
13 जून 2026 : सेक्टर-11 में दिनदहाड़े जानकी दास की गोली मारकर हत्या। आरोपी कजहेड़ी पहुंचे, कपड़े बदले और बस से दिल्ली रवाना हुए।
14 जून 2026 : पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की। सोशल मीडिया पर गोल्डी ढिल्लों ने हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया।
15 जून 2026 : जानकी दास का अंतिम संस्कार हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू में हुआ। जांच में आरोपियों के जम्मू-कश्मीर भागने की जानकारी मिली।
16 जून 2026 : जम्मू-कश्मीर के सांबा से तीन संदिग्ध हिरासत में लिए गए। जांच में सुपारी किलिंग का एंगल सामने आया।
17 जून 2026 : पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए। जम्मू-कश्मीर के राजौरी से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुए।
18 जून 2026 : चंडीगढ़ लाते समय आरोपियों ने भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया।











