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Chaitra Masik Shivratri 2026 :कब है चैत्र मासिक शिवरात्रि? इन मंत्रों का जाप करने से भोलेनाथ हो सकते हैं प्रसन्न

मासिक शिवरात्रि 17 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन निशिता काल में भगवान शिव की पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। श्रद्धा और सच्चे मन से शिव चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति, मानसिक तनाव से मुक्ति और रोग-दोषों से राहत मिलती है। झगड़ा और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
कब है चैत्र मासिक शिवरात्रि? इन मंत्रों का जाप करने से भोलेनाथ हो सकते हैं प्रसन्न
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हिंदू धर्म में शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सालभर में 12 मासिक शिवरात्रियां मनाई जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और समस्याएं दूर होती हैं। इस साल चैत्र मास की मासिक शिवरात्रि 17 मार्च, यानी कल है।

    पूजा का शुभ समय

    मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में करना सबसे शुभ माना जाता है। 17 मार्च को निशिता काल रात 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। इस समय भक्त विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं।

    इस दिन के शुभ मुहूर्त

    ब्रह्म मुहूर्त - 04:53 ए एम से 05:41 ए एम

    प्रातः सन्ध्या - 05:17 ए एम से 06:29 ए एम

    अभिजित मुहूर्त - 12:06 पी एम से 12:54 पी एम

    विजय मुहूर्त - 02:30 पी एम से 03:18 पी एम

    गोधूलि मुहूर्त - 06:28 पी एम से 06:52 पी एम

    सायाह्न सन्ध्या - 06:30 पी एम से 07:42 पी एम

    अमृत काल - 11:01 पी एम से 12:36 ए एम, 18 मार्च

    निशिता मुहूर्त - 12:05 ए एम, मार्च 18 से 12:53 ए एम, 18 मार्च

    भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय

    इस दिन शिव चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

    श्रद्धा और सच्चे मन से पाठ करने से-

    • जीवन में सुख-शांति आती है
    • मानसिक तनाव दूर होता है
    • रोग और दोषों से मुक्ति मिलती है

    इस दिन क्या न करें

    • झगड़ा और गुस्से से बचें
    • किसी का दिल दुखाने से परहेज करें
    • नकारात्मक विचारों से दूर रहें

    मासिक शिवरात्रि के दिन इन शिव मंत्रों का करें जाप

    महामृत्युंजय मंत्र

    ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    शिव स्तुति मंत्र

    द: स्वप्नदु: शकुन दुर्गतिदौर्मनस्य, दुर्भिक्षदुर्व्यसन दुस्सहदुर्यशांसि।

    उत्पाततापविषभीतिमसद्रहार्ति, व्याधीश्चनाशयतुमे जगतातमीशः।।

    शिव प्रार्थना मंत्र

    करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं श्रावण वाणंजं वा मानसंवापराधं ।

    विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥

    शिव गायत्री मंत्र

    ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।

    शिव आरोग्य मंत्र

    माम् भयात् सवतो रक्ष श्रियम् सर्वदा।

    आरोग्य देही में देव देव, देव नमोस्तुते।।

    ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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