हिंदू धर्म में शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सालभर में 12 मासिक शिवरात्रियां मनाई जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और समस्याएं दूर होती हैं। इस साल चैत्र मास की मासिक शिवरात्रि 17 मार्च, यानी कल है।
मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में करना सबसे शुभ माना जाता है। 17 मार्च को निशिता काल रात 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। इस समय भक्त विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं।
ब्रह्म मुहूर्त - 04:53 ए एम से 05:41 ए एम
प्रातः सन्ध्या - 05:17 ए एम से 06:29 ए एम
अभिजित मुहूर्त - 12:06 पी एम से 12:54 पी एम
विजय मुहूर्त - 02:30 पी एम से 03:18 पी एम
गोधूलि मुहूर्त - 06:28 पी एम से 06:52 पी एम
सायाह्न सन्ध्या - 06:30 पी एम से 07:42 पी एम
अमृत काल - 11:01 पी एम से 12:36 ए एम, 18 मार्च
निशिता मुहूर्त - 12:05 ए एम, मार्च 18 से 12:53 ए एम, 18 मार्च
इस दिन शिव चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
श्रद्धा और सच्चे मन से पाठ करने से-
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
द: स्वप्नदु: शकुन दुर्गतिदौर्मनस्य, दुर्भिक्षदुर्व्यसन दुस्सहदुर्यशांसि।
उत्पाततापविषभीतिमसद्रहार्ति, व्याधीश्चनाशयतुमे जगतातमीशः।।
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं श्रावण वाणंजं वा मानसंवापराधं ।
विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।
माम् भयात् सवतो रक्ष श्रियम् सर्वदा।
आरोग्य देही में देव देव, देव नमोस्तुते।।
ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।