8th Pay Commission:केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी उम्मीद, ₹18,000 से बढ़कर ₹46,000 तक हो सकती है बेसिक सैलरी!

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है। सरकार ने नवंबर 2025 में नए वेतन आयोग का गठन किया था और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹46000 से ज्यादा हो सकती है। आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को उस तारीख से लागू होने तक का एरियर भी मिल सकता है।
₹46,000 से ज्यादा हो जाएगी बेसिक सैलरी
मौजूदा 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है। ऐसे में अब कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0 या उससे अधिक तय किया जाता है तो कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान के मुताबिक यदि फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू होता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपए से बढ़कर करीब 46,260 रुपए तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में कर्मचारियों की सैलरी में करीब 30 से 34 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
1946 से शुरू हुई वेतन आयोग की व्यवस्था
भारत में वेतन आयोग की परंपरा काफी पुरानी है। पहला वेतन आयोग 1946 में बनाया गया था। इसके बाद समय-समय पर कुल 7 वेतन आयोग लागू किए जा चुके हैं। हर आयोग ने महंगाई, आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव किया है। आजादी के समय की तुलना में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में अब काफी बड़ा अंतर आ चुका है।
1 से 7वें वेतन आयोग तक न्यूनतम और अधिकतम सैलरी
| Pay Commission | Minimum Basic Salary (Rs.) | Maximum Basic Salary (Rs.) | Compression Ratio |
| 1st | 55 | 2,000 | 1:36.4 |
| 2nd | 80 | 3,000 | 1:37.5 |
| 3rd | 196 | 3,500 | 1:17.9 |
| 4th | 750 | 8,000 | 1:10.7 |
| 5th | 2,550 | 26,000 | 1:10.2 |
| 6th | 7,000 | 80,000 | 1:11.4 |
| 7th | 18,000 | 2,50,000 | 1:13.9 |
लाखों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
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सुझाव देने के लिए 30 अप्रैल तक मौका
वित्त मंत्रालय ने 8वें वेतन आयोग से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों से सुझाव मांगे हैं। सरकार चाहती है कि वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों को लेकर सभी हितधारक अपनी राय दें। इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है और 30 अप्रैल 2026 तक सुझाव भेजे जा सकते हैं।












