PlayBreaking News

'अब और नहीं'....जंतर-मंतर पर छात्रों का शक्ति प्रदर्शन, कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने रखीं ये 5 बड़ी मांगें

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए। कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत 5 बड़ी मांगें उठाईं। आखिर युवाओं का गुस्सा क्यों फूटा और वे सरकार से क्या चाहते हैं, पूरी खबर पढ़ें।
Follow on Google News
जंतर-मंतर पर छात्रों का शक्ति प्रदर्शन, कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने रखीं ये 5 बड़ी मांगें
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को उस समय बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक जुट गए जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, जो हाल ही में अमेरिका से भारत लौटे हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि देश में लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों, भर्ती प्रक्रियाओं में विवाद और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव ने युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जंतर-मंतर पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी और अभिभावक इस आंदोलन का हिस्सा बने।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बनी आंदोलन का मुख्य मुद्दा

प्रदर्शन का सबसे प्रमुख मुद्दा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा रहा। आंदोलन में शामिल युवाओं का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं, जिससे छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नीट पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और विभिन्न परीक्षा प्रणालियों में सामने आई शिकायतों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों ने कहा कि यदि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में गड़बड़ियां सामने आती हैं तो उसके लिए जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। अभिजीत दीपके ने मंच से कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसी एक परीक्षा की नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र को बेहतर बनाने की लड़ाई है। छात्र अब अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग

प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की मांग की। उनका कहना था कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार उठ रहे सवाल छात्रों के मन में असुरक्षा पैदा कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों को ज्यादा जवाबदेह बनाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे। छात्रों ने कहा कि मेहनत करने वाले उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर मिलना जरूरी है और इसके लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

Breaking News

डिजिटल शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

आंदोलन में डिजिटल शिक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कई अभिभावकों और छात्रों ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में तेजी से डिजिटल तकनीक लागू की जा रही है, लेकिन उसके लिए पर्याप्त तैयारी नहीं दिखाई देती। दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक राधेश्याम कैथल ने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि तकनीक का उपयोग जरूरी है, लेकिन सुरक्षा और पारदर्शिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि डिजिटल शिक्षा से जुड़े सभी सिस्टम की स्वतंत्र जांच हो और कमियों को दूर करने के बाद ही उन्हें पूरी तरह लागू किया जाए।

मणिपुर के छात्रों की शिक्षा को लेकर भी उठी आवाज

सीजेपी के प्रदर्शन में मणिपुर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आंदोलन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता विंसन ने कहा कि लंबे समय से राज्य में सामान्य हालात प्रभावित होने के कारण छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेजों के नियमित संचालन में आ रही बाधाओं का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे अशांत क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो। युवाओं ने मांग की कि मणिपुर के विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक सहायता और सुरक्षित शिक्षा माहौल सुनिश्चित किया जाए।

Featured News

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

प्रदर्शन के दौरान छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। युवाओं का कहना था कि लगातार परीक्षा विवाद, प्रतियोगिता का दबाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण कई छात्र तनाव का सामना कर रहे हैं। मनोवैज्ञानिक सुगंधा ने कहा कि छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि परीक्षा और करियर से जुड़ा दबाव कई युवाओं को गंभीर मानसिक समस्याओं की ओर धकेल रहा है। राजस्थान से आई गायत्री सिंह ने बताया कि उनके परिवार का एक सदस्य वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था, लेकिन परीक्षा विवादों के बाद उसका मनोबल काफी प्रभावित हुआ। ऐसे कई उदाहरण सामने आते हैं जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं।

ये भी पढ़ें: CG NEWS छत्तीसगढ़ बोर्ड के छात्रों को झटका: 10वीं-12वीं परीक्षा फीस बढ़ी, नए सत्र से पढ़ाई का बढ़ेगा खर्च

सोशल मीडिया से शुरू हुआ आंदोलन सड़कों तक पहुंचा

कॉकरोच जनता पार्टी का यह आंदोलन पहले सोशल मीडिया के जरिए चर्चा में आया था, लेकिन अब यह जमीन पर भी बड़ा स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है। जंतर-मंतर पर पहुंचे कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच मास्क पहनकर नजर आए और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की। अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहेगा। उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने और अपनी मांगों को व्यवस्थित तरीके से सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया। 

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts