रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चुनाव आयोग पूरी तरह से शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रहा है और यह सुनिश्चित करेगा कि हर मतदाता बिना डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके। यह प्रेस वार्ता मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद आयोजित की गई थी।
आगे उन्होंने कहा, मैं साफ करना चाहता हूं कि चुनाव आयोग किसी भी पार्टी के पक्ष या विपक्ष में नहीं है, सभी समान हैं। चुनाव आयोग हिंसा के मामले में शून्य सहिष्णुता रखता है और किसी भी हिंसात्मक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। सामान्य मतदाता शांति और पारदर्शिता के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें, इसके लिए चुनाव आयोग पूरी तरह तैयार है।
ज्ञानेश कुमार ने कहा, चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य चुनाव को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। इसके लिए सुरक्षा बलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्क रहें और किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा पर तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि लोग निर्भय होकर मतदान करें, उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हर जिले में विशेष मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है, जो मतदान से पहले और मतदान के दिन स्थिति पर नजर रखेगी।
बता दें, 30 अक्टूबर को मोकामा में जनसुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या हो गई। यह घटना दो प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान हुई। हत्या के बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और चुनाव आयोग के निर्देश पर कार्रवाई तेज कर दी गई। इसी क्रम में जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह को उनके मोकामा स्थित बेढ़ना मार्केट वाले घर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कोई घटना न हो।
बताते चले कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान और 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा।