CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरे दिन भी विरोध तेज, मुंबई में 500 लोगों पर FIR; दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में करीब 500 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं, दिल्ली में जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कांग्रेस, शिवसेना उद्धव गुट, मनसे और अन्य विपक्षी दलों के प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध लगातार जारी है। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं, विरोध प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग शहरों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस पूरे विवाद में अब मुंबई पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में है, जहां बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में बड़ी संख्या में लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
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मुंबई में CJP के प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन
मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में मुंबई पुलिस ने करीब 500 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए संगठन के राष्ट्रीय संगठन प्रमुख अजिंक्य शिंदे और मुंबई कोऑर्डिनेटर प्रणव आहिरे ने 2 अक्टूबर को अनुमति मांगी थी, लेकिन इसकी मंजूरी नहीं दी गई थी। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थान पर सभा और नारेबाजी किए जाने का आरोप है। पुलिस ने बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को भी कार्रवाई का आधार बताया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र पुलिस कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
- BNS की धारा 189(2)
- BNS की धारा 223
- महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 37(1)
- महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 37(3)
- महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 135
मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे निकालेंगे मार्च
मुंबई में आज विपक्षी दलों की ओर से भी मार्च निकालने की तैयारी है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सुबह 10 बजे मेट्रो सिनेमा जंक्शन से BMC मुख्यालय तक मार्च प्रस्तावित है। इसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे भी शामिल होंगे। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं के भी मार्च में शामिल होने की जानकारी दी गई है। इस प्रदर्शन को लेकर मुंबई में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। मार्च के जरिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाएगा।
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दिल्ली में जंतर-मंतर से चुनाव आयोग तक सुरक्षा सख्त
विपक्ष के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जंतर-मंतर से लेकर चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का दायरा भी बढ़ाया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
जंतर-मंतर पर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा
शनिवार देर रात दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बसों में बैठाना शुरू किया। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता बसों के सामने खड़े हो गए, जबकि कुछ बसों पर चढ़ गए। पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और जोर आजमाइश की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने बसों को घेर लिया और अपने साथियों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने में सफल होने का दावा किया।
पी. चिदंबरम ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इंडिया ब्लॉक का आंदोलन और तेज किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त पद से इस्तीफा नहीं देते।विपक्ष इस मुद्दे को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जोड़कर उठा रहा है।
ओवैसी का आरोप- 'SIR के जरिए वोट काटने की तैयारी'
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ओवैसी का आरोप है कि बीजेपी और संघ से जुड़े लोग फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि SIR के बाद मतदाता सूची के माध्यम से NRC जैसी व्यवस्था लाने की तैयारी की जा रही है।
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क्या है SIR विवाद और क्यों हो रहा विरोध?
SIR यानी Special Intensive Revision, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाता सूची की जांच और आवश्यक संशोधन किए जाते हैं। विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। उसका आरोप है कि इससे मतदाताओं के नाम हटने और मतदान के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की भूमिका मतदाता सूची को अद्यतन और सही बनाए रखने की है।


















