न्यूयॉर्क। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स का कहना है कि जिंदगी में सिर्फ तीन बार टेक्नोलॉजी ने उन्हें सच में हैरान किया है। तीसरी बार ऐसा तब हुआ जब उन्होंने Anthropic के AI कोडिंग टूल Claude Code को करीब से देखा। पहली बार 1980 में हुआ था जब उन्होंने पहली बार ग्राफिकल यूजर इंटरफेस देखा था। यह एक ऐसा आइडिया जिसने आगे चलकर मॉडर्न पर्सनल कंप्यूटर का चेहरा तय किया। दूसरी बार 2022 में हुआ जब OpenAI के लीडर्स उनके घर आए और उन्हें वह टेक्नोलॉजी दिखाई जो जल्द ही ChatGPT बनने वाली थी। Claude Code ने उन्हें इसलिए अलग तरह से प्रभावित किया क्योंकि यह बेहद खास काम करता है। दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक बनने से बहुत पहले ही गेट्स कोडिंग करते थे और वे इसे अपना सबसे मजबूत स्किल मानते हैं।
कोडिंग ने हैरान किया
हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, यह सोचना कि अब ये चीजें असल मायनों में मुझसे बेहतर हैं, तो मन में यही ख्याल आता है कि आखिर यह क्या हो रहा है। बिल गेट्स का कहना है कि कोडिंग के मामले में AI की तरक्की ने उन्हें सबसे ज्यादा हैरान किया है।
क्यों अहम है गेट्स की यह बात
गेट्स की बात अहम इसलिए है क्योंकि उनकी शुरुआत कैसे हुई थी, यह मायने रखता है। उन्होंने टीनएज में सिएटल में प्रोग्रामिंग शुरू की थी। 1975 में पॉल एलन के साथ मिलकर माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत की थी। यह सब उस सॉफ्टवेयर के दम पर हुआ जो उन्होंने खुद लिखा था। अपनी जिंदगी के ज्यादातर समय अच्छा कोड लिखना ही वह हुनर था जिसने उन्हें सबसे अलग बनाया।
AI पर चेतावनी भी दे चुके हैं
बिल गेट्स कहा कि AI में हालिया सुधार उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा रहे हैं। Claude Code इस बदलाव का एक बड़ा हिस्सा है। यही एक वजह थी कि उन्होंने अब इस बारे में बात करने का फैसला किया। अपने ब्लॉग Gates Notes पर पब्लिश हुए लगभग 6,000 शब्दों के लेख में उन्होंने चेतावनी दी कि AI की ओर बढ़ना इंसानी इतिहास के सबसे उथल-पुथल भरे दौर में से एक होगा और दुनिया इसके लिए तैयार नहीं है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की नौकरियों को बदलेगा
गेट्स कुछ समय से प्रोग्रामर्स पर AI के असर पर नजर रख रहे हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने लिखा था कि AI पहले से ही सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को कम से कम दोगुना ज्यादा कुशल बना रहा है। इसके बेहतर होने की रफ्तार सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में नौकरियों की मांग पर असर डालने लगी है। अपने हालिया लेख में उन्होंने सेल्स, कस्टमर सपोर्ट और पैरालीगल काम के साथ-साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग को उन शुरुआती क्षेत्रों में गिनाया जिन पर इसका असर पड़ने की संभावना है।
कोडिंग सस्ती तो सॉफ्टवेयर की मांग ज्यादा
गेट्स ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि जैसे-जैसे कोडिंग सस्ती होती जाएगी, सॉफ्टवेयर की मांग बढ़ सकती है। इसलिए इस क्षेत्र में नौकरियों का कुल नुकसान दूसरी जगहों की तुलना में कम हो सकता है। बशर्ते, डिजाइन जैसे कुछ काम अभी भी इंसानों द्वारा बेहतर ढंग से किए जाते रहें।